SBI IOCL Barauni: खाता फ्रीज़, नहीं मिल रहा लोन, दस्तावेज़ होने के बाद भी ग्राहकों को हो रही काफी परेशानी
SBI IOCL Barauni: बिहार के विभिन्न ज़िलों से SBI ग्राहकों के खाता फ्रीज़, लोन और ATM संबंधित परेशानियों कई मामले सामने आ चुके हैं। ताज़ा मामला बेगूसराय ज़िला के SBI IOCL बरौनी ब्रांच का है, जहां ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राहकों का आरोप है कि SBI IOCL बरौनी ब्रांच के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक धांधली करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके खाते से निकासी नहीं हो पा रही है, जब वह ब्रांच गए तो पता चला की KYC की वजह से खाता फ़्रीज़ हो गया है। दस्तावेज़ जमा करने के बात पैसे निकाल सकेंगे।

ग्राहकों का कहना है कि जब दस्तावेज़ लेकर गए तो बोला गया, काम का प्रेशर है बाद में आना। इसके बाद दूसरे दिन जब 2 बजे के बाद गए तो डांटकर भगा दिया। बैंक कर्मी ने कहा कि अभी KYC करने का समय नहीं है। जब भी आना फर्स्ट हाफ में आना, सेकंड हाफ में यह सब काम करने के लिए वक्त नहीं है।
इसके बाद जब वह दूसरे दिन फर्स्ट हाफ में गए तो दस्तावेज़ रख कर बोला कल आना, KYC का काम पूरा नहीं किया। वहीं ग्राहकों का कहना है कि SBI का ATM आस पास में नहीं है, एक IOCL कैंपस में है, उसमें से आम लोगों को पैसा निकालने नहीं दिया जाता है। इसके अलावा एक और ATM थोड़ी दूर है, जो कि कभी ठीक रहता है तो कभी ख़राब रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि SBI वालों को चाहिए कि एक ATM रिफाइनरी के करीब नूरपूर गांव (बेगूसराय) में भी लगा दिया जाए, ताकि पैसे कि निकासी के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़े। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि दस्तावेज़ होने के बाद भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
सरकारा द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत लोन का प्रावधना है, उसके तहत ज़रूरी दस्तावेज़ होने के बाद भी लोन नहीं मिलता है। इसके सबसे बड़ी वजह बिचौलिए हैं, जिनका ब्रांच मैनेजर के साथ सांठगांठ है। बिचौलिए को जो कमीशन देता है, उसे लोन मिल जाता है। इसके एवज़ में ब्रांच मैनेजर तक ब्राइब के पैसे पहुंच जाते हैं।
वन इंडिया हिंदी ने इन सब मामलों में SBI के एक कर्मचारी से बात की, उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि हर बेगूसराय ज़िला के लगभग ब्रांच में यही धांधली हो रही है। बिचौलिए के ज़रिए ही काम हो रहा है। बड़े जुगाडड़ वालों का बड़ा काम होता है, छोटे जुगाड़ वालों का छोटा काम होता है।
SBI कर्मी ने बताया कि IOCL बरौनी ब्रांच में ज्यादातर CISF और IOCL के लोगों पर ही ध्यान दिया जाता है। IOCL बरौनी ब्रांच इसलिए खुला था, लेकिन उसमें आम लोगों ने भी खाता खोल लिया। बैंक के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक इसलिए आम लोगों को अनसुना कर पहली तरजीह CISF और IOCL वालों को ही देते हैं। इस मामले पर अगर SBI मैनेजमेंट के आला अधिकारी जांच करेंगे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।












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