Rohini Acharya के बाद लालू की तीन बेटियां भी दिल्ली रवाना, कब टूटेगी तेजस्वी की चुप्पी?
Rohini Acharya: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव का कोई जादू नहीं चला और तो और उनकी पार्टी इतना खराब प्रदर्शन करेगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। चुनावी नतीजों ने जहां पार्टी को बुरी तरह से निराश किया वहीं 15 नवंबर को लालू के परिवार में एक अप्रत्याशित घटना तब घटी जब राजद सुप्रीमो की लाडली रोहिणी आचार्य ने कहा कि 'वो राजनीति और परिवार दोनों छोड़ रही हैं।'
उन्होंने एक्स पर ऐलान किया कि 'मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं... संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था।'

इसके बाद उन्होंने कहा कि 'भगवान किसी को भी रोहिणी जैसी बेटी ना दे, मुझे गाली दी गई, मुझ पर चप्पल मारने के लिए उठाया गया, मुझे कहा गया कि मैंने पिता को गंदी किडनी दी है, मैंने किडनी के बदले में करोड़ों रु और टिकट मांगे हैं, मेरा मायका छुड़वा दिया गया।'
Rohini Acharya के आरोप के बाद पूरा लालू परिवार सवालों के घेरे में
रोहिणी के इस बयान से पूरा लालू परिवार सवालों के घेरे में हैं लेकिन अभी तक किसी ने भी इस बारे में खुलकर कुछ नहीं बोला है। पटना से दिल्ली जाते वक्त एयरपोर्ट पर रोहिणी फूट-फूट कर रो पड़ीं और कहा कि 'मेरा कोई परिवार नहीं है।'

Rohini Acharya के बाद रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी भी दिल्ली रवाना
आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रोहिणी के बाद अब लालू की और तीन बेटियों- रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी भी दिल्ली के लिए रवाना हो गई है, जिससे यहीं अंदाजा लग रहा है कि लालू के परिवार का कलह अब विकराल रूप धारण कर चुका है। रोहिणी ने जिन दो लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं वो तेजस्वी यादव के बेहद करीबी हैं।
संजय यादव और रमीज पर Rohini Acharya ने लगाए गंभीर आरोप
संजय यादव राजद से राज्यसभा सांसद हैं और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे और उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक हैं। रमीज तेजस्वी के पुराने दोस्त बताए जाते हैं और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

'पापा को अपनी किडनी देने पर मुझे बहुत गर्व है' (Rohini Acharya)
गौरतलब है कि रोहिणी ने दिसंबर 2022 में सिंगापुर के एक अस्पताल में अपने पिता को अपनी एक किडनी दान कर दी, क्योंकि उन्हें क्रोनिक रीनल फेल्योर की समस्या थी। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता उनके लिए भगवान जैसे हैं। इस प्रक्रिया से पहले आचार्य ने सोशल मीडिया पर कहा था, ' भाग्य की संतान हूं और पापा को अपनी किडनी देने पर मुझे बहुत गर्व है।'












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