बिहार: बिजली बिल से मिलेगी राहत, साथ ही होगी कमाई, जानिए सरकार का प्लान
महंगाई की मार से सभी लोग परेशान हैं, रोज़ान इस्तेमाल के जाने वाली चीज़ों से लेकर सब्ज़ियों के दाम तक महंगे हो गए हैं।
पटना, 9 अप्रैल 2022। महंगाई की मार से सभी लोग परेशान हैं, रोज़ान इस्तेमाल के जाने वाली चीज़ों से लेकर सब्ज़ियों के दाम तक महंगे हो गए हैं। इस वजह से आम आदमी को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। इसी कड़ी में बिहार के लोगों के लिए बिजली बिल से राहत के साथ ही कमाई का ज़रिया केंद्र और राज्य सरकार दे रही है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार छत के ऊपर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन के लिए अलग-अलग अनुदान भी दे रही है।

प्रधानमंत्री ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पैनल योजना
बिहार में सोलर पैनल से पैदा हुई बिजली को उपभोक्ता बेच भी सकते हैं। अगर उपभोक्ता के पास ज़रूरत से ज़्यादा बिजली पैदा हो गई तो वह बिजली कंपनियों को भी बिजली बेच सकेंगे। प्रधानमंत्री ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पैनल योजना के तहत इस योजना को बढ़ावा देने की कडवायद तेज़ की जा रही है। आपको बता दें कि जिन घरों में सोलर पैनल लगेगा वहां इस्तेमाल होने के बाद बची हुई बिजली ख़ुद ही पॉवर ग्रिड में स्टोर हो जाएगी, ग़ौरतलब है कि पॉवर ग्रिड में स्टोर हुई बिजली की उपभोक्ताओं को कीमत भी मिलेगी।

उपभोक्ताओं को मिलेगा आर्थिक लाभ
पॉवर ग्रिड में बिजली स्टोंर होने की बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी की इस स्कीम के तहत पॉवर ड्रिस्ट्रीब्यूशन को भी जोड़ा गया है। इसमें साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के साथ करार किया गया है। इस स्कीम के तहत चुने गए उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा साथ ही कमाई का रास्ता भी खुलेगा। ग़ौरतलब है कि छत पर सोलर पैनल इंस्टॉल करने के बाद बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगी। वहीं इस्तेमाल के बाद बची हुई बिजली खुद ही ग्रिड में चली जाएगी। यह स्टोर की हुई बिजली दूसरे उपभोक्ताओं के काम आ सकेगा।

सरकार को बेच सकते हैं बची हुई बिजली
सोलर पैनल लगवाने के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है। सब्सिडी मिलने के बाद सिर्फ़ 70 हजार रुपये में सोलर पैनल इंस्टॉल कराया जा सकता है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के अलावा कुछ राज्य सरकार भी सोलर पैनल इंस्टॉलेशन के लिए अलग से सब्सिडी देती है। अब बिजली उत्पादन की बात करें तो दो किलोवाट का सोलर पैनल अगर उपभोक्ता लगवाते हैं। तो 10 यूनिट बिजली उत्पादन में 10 घंटा लगेगा। इस तरह से 1 दिन में 10 यूनिट और महीने में 300 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकेगा। अब अगर किसी घर में बिजली की खपत सिर्फ़ 200 यूनिट है। तो बचे हुए 100 यूनिट सरकार को बेच सकते हैं। इसके लिए राज्य में निर्धारित बिजली की दर से कंपनी बचे हुए यूनिट का भुगतान करेगी।
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