खान सर पर लगा हत्या की साजिश का आरोप! भाई की मौत के बाद रौशन आनंद ने पुलिस स्टेशन में काटा बवाल
Raushan Anand vs Khan Sir Coaching Controversy: पटना के एक छोटे इलाके से शुरू हुआ कोचिंग विवाद अब बहुत गंभीर हो गया है। विवाद के बीच संदिग्ध स्थिति में हुई प्रिंस यादव की मौत ने नया बखेडा शुरू कर दिया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के मामले में खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रौशन आनंद इस मामले में FIR दर्ज कराने के लिए बुधवार को अचानक अगमकुआं थाने पहुंचे। वहां उन्होंने जोरदार विरोध किया। पुलिस की तरफ से तुरंत केस दर्ज न किए जाने और देरी से नाराज होकर रोशन आनंद थाने के अंदर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाया और FIR दर्ज करने के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय दिया है।

रौशन आनंद ने साफ कहा कि अगर केस दर्ज नहीं हुआ, तो वह कोर्ट जाएंगे। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। रोशन आनंद का आरोप है कि पुलिस दबाव में काम कर रही है और उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रही है। उनका कहना है कि मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। काफी देर तक थाने में हंगामा बना रहा और पुलिस उन्हें समझाने में लगी रही। इस दौरान रोशन आनंद ने कहा कि अब उनके पास कोर्ट जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
खान सर समेत कई लोगों पर हत्या की साजिश का आरोप
रौशन आनंद ने जो लिखित शिकायत पुलिस को देने की कोशिश की है, उसमें बिहार और देश के जाने-माने शिक्षक फैजल खान उर्फ 'खान सर' को मुख्य आरोपी बनाने की मांग की गई है। इसके अलावा डॉ. रामाशंकर प्रसाद, कन्हैया कुमार सिंह और कुछ अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रौशन का कहना है कि इन सभी ने मिलकर साजिश रची और उनके भाई प्रिंस यादव की जान ले ली। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों पर तुरंत हत्या का केस दर्ज किया जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
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रौशन आनंद का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में पुलिस का रवैया ठीक नहीं रहा। वे कई बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और IG से मिलने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन बात नहीं हो पाई। इसी वजह से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
2 जून के हमले से शुरू हुआ विवाद और बड़ी गिरफ्तारी
पटना के कोचिंग जगत में यह विवाद नया नहीं है। इसकी शुरुआत 2 जून को हुई थी, जब पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 3 जून को ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को मुख्य साजिशकर्ता मानकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस कार्रवाई के बाद दोनों कोचिंग संस्थानों के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया।
जब रौशन आनंद जेल में थे, तब 14 जून को नेपाल से एक बड़ी खबर आई, जिसने परिवार को झकझोर दिया। रौशन के भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल की सीमा में संदिग्ध हालत में मिला। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया, ताकि उनके भाई प्रिंस की हत्या की साजिश को अंजाम दिया जा सके।
छात्रों से समर्थन की अपील
थाने में विरोध करते हुए रौशन आनंद ने पटना की सड़कों पर उतरने की भी चेतावनी दी है। उन्होंने बिहार के सभी शिक्षक संगठनों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों से अपील की है कि वे इस अन्याय के खिलाफ उनके साथ खड़े हों। उनका कहना है कि अगर आज लोग चुप रहेंगे, तो कल कोई भी संस्थान या शिक्षक सुरक्षित नहीं रहेगा।
अगमकुआं थाने के अधिकारियों ने काफी समझाने और कानून की बात समझाकर रौशन आनंद को फिलहाल शांत कराया है। वरिष्ठ अधिकारियों के भरोसे के बाद माहौल कुछ हद तक सामान्य हुआ, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। रौशन आनंद ने साफ कहा है कि अगर पुलिस ने FIR दर्ज करने में और देरी की, तो वे बिना समय गंवाए कोर्ट जाएंगे और पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
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