बिहार: अग्निपथ आंदोलन से अब तक रेलवे को 200 करोड़ का नुकसान, 50 कोच जलकर खाक
नई दिल्ली: मोदी सरकार की अग्निपथ स्कीम का विरोध देशभर में जारी है। इस आंदोलन की शुरुआत बिहार से हुई थी, जिस वजह से वहां पर सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने 15 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, लेकिन हालात अभी भी बेकाबू हैं। रेलवे का दावा है कि इस आंदोलन में सबसे ज्यादा उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।

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मामले में दानापुर रेल मंडल के डीआरएम प्रभात कुमार ने कहा कि रेलवे परिसर में तोड़फोड़ की घटनाओं में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने 50 कोच और 5 इंजन को आग के हवाले किया था, जो पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने प्लेटफार्म, कंप्यूटर और कई अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाया है। इस आंदोलन की वजह से बहुत सारी ट्रेनें भी रद्द हैं।
बिहार की ट्रेन सेवाएं रद्द
बिहार में ट्रेन सेवाएं शनिवार रात 8 बजे तक रोक दी गई हैं। रविवार को भी सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक रेल सेवाओं को निलंबित रखा जाएगा। वहीं पूरे देश की बात करें तो इस आंदोलन की वजह से अब तक 350 ट्रेनों को रद्द किया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सभी स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही वहां मौजूद सीसीटीवी की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही।
बीजेपी और जेडीयू में टकरार
अभी तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफतौर पर अग्निपथ योजना का विरोध तो नहीं किया है, लेकिन उनकी पार्टी के कई नेता केंद्र सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं। वहीं शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम रेणु देवी के घर पर तोड़फोड़ की। जिसको लेकर बीजेपी और जेडीयू में टकरार देखने को मिल रही है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि उपद्रवी उनके नेता के घर तोड़फोड़ कर रहे थे और नीतीश कुमार की पुलिस उसे चुपचाप बैठकर देख रही थी।












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