'जिस पार्टी का खुद का ठिकाना नहीं है वो...', प्रशांत किशोर ने बताया कैसा होगा CM नीतीश कुमार का भविष्य!
Prashant Kishor News: चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने 2 अक्टूबर 2022 को अपनी 'जन सुराज यात्रा' शुरू की थी। हालांकि स्वास्थ्य के कारण उन्होंने इसे स्थगित कर दिया है।

चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के विपक्षी एकता को जुटाने के प्रयासों पर तंज कसा है। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सीएण नीतीश कई विपक्षी नेताओं से मिले हैं। 40 दिन में दूसरी बार सीएम नीतीश ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की है। इस मुलाकत पर प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है।
प्रशांत किशोर कहा, 'आज के वक्त में नीतीश कुमार क्या कर रहे हैं, इसपर ज्यादा कुछ भी बोलने का मतलब नहीं है। वो वही काम कर रहे हैं, जो आज से पांच साल पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे चंद्रबाबू नायडू कर रहे थे। चंद्रबाबू नायडू का क्या हाल हुआ, ये सबको पता है। चंद्रबाबू नायडू उस समय बहुमत की सरकार चला रहे थे। लेकिन नीतीश कुमार तो 42 विधायक के साथ लंगड़ी सरकार चला रहे हैं।'
'नीतीश कुमार को बिहार पर फोकस करना चाहिए...'
प्रशांत किशोर कहा, 'नीतीश कुमार को सिर्फ और सिर्फ बिहार की चिंता पर ध्यान देना चाहिए। नीतीश कुमार का खुद का ही ठिकाना नहीं है। आरजेडी का बिहार में एक भी सांसद नहीं है और वो देश का प्रधानमंत्री तय कर रहा है। जिस पार्टी का खुद का ठिकाना नहीं है वो शख्स दूसरी पार्टियों को इकट्ठा करने में लगा है।
'बिहार शराब और रेत माफिया बेरोकटोक बढ़ रहे हैं'
प्रशांत किशोर ने इसके अलावा बिहार में शराब और रेत माफिया पर भी निशाना साधा। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि राज्य सरकार के कथित संरक्षण में बिहार में शराब और रेत माफिया बेरोकटोक बढ़ रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा, 'नीतीश कुमार पिछले 17 साल से सीएम की कुर्सी पर टिके हुए हैं, लेकिन उनके शासन में शराब माफिया और बालू माफिया मजबूत हुए हैं।'
प्रशांत किशोर ने कहा कि असामाजिक तत्व अवैध शराब और रेत का कारोबार चलाकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं क्योंकि इसमें ऊपर से नीचे तक लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने शराब की दुकानें बंद कर दी हैं लेकिन राज्य में शराब की होम डिलीवरी बहुत आम है।












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