Bihar Chunav 2025: 'रोड शो, पूजा और भीड़', नामांकन बना पावर शो, BJP के दिग्गज नेता का नहीं हो पाया नॉमिनेशन
Bihar Chunav 2025: नामांकन के लिए सियासी हलचल तेज, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया ने बुधवार को सियासी माहौल को गर्म कर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बड़े नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन दाखिल किया। मंदिरों में पूजा-अर्चना, शहरों में रोड शो, भारी समर्थक जुटान और आक्रामक बयानबाजी देखने मिली।
नामांकन में दिख रहे तेवर ने साबित कर दिया कि इस चुनाव में सिर्फ वोट नहीं बल्कि रणनीति, छवि और जनसमर्थन की जंग भी पूरी ताकत के साथ लड़ी जाएगी। वहीं, कुछ नेताओं को नियमों और समयसीमा की वजह से मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा।

राबड़ी आवास के बाहर ढोल-नगाड़ों की गूंज
तेजस्वी यादव के नामांकन से पहले राबड़ी देवी के आवास के बाहर माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे और ढोल-नगाड़ों के साथ नाच-गाने में शामिल हुए। इसके बाद तेजस्वी, लालू यादव और राबड़ी देवी के साथ हाजीपुर पहुंचे और वहीं से राघोपुर के लिए नामांकन दाखिल किया। यह दृश्य न केवल राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि यह महागठबंधन के जनाधार को भी मजबूती से दिखाने की कोशिश थी।
तेजस्वी यादव ने राघोपुर से दाखिल किया पर्चा
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने परंपरागत और सुरक्षित माने जाने वाले गढ़ राघोपुर से नामांकन दाखिल किया। इस दौरान लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती उनके साथ मौजूद रहे, जिससे महागठबंधन में यादव परिवार की एकजुटता का स्पष्ट संदेश गया।
नामांकन से पहले तेजस्वी ने भव्य रोड शो किया, जिसमें हजारों कार्यकर्ता, ढोल-नगाड़े और समर्थक शामिल हुए। इस पूरे कार्यक्रम ने चुनावी माहौल को एक जश्न जैसा बना दिया। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह शक्ति प्रदर्शन विपक्ष की मजबूती और आत्मविश्वास दिखाने के लिए किया गया था।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का 'मंदिर से रोड शो' वाला पावर पैकेज
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने लखीसराय से नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले उन्होंने बड़हिया स्थित महारानी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने खुली जीप में रोड शो किया, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी जैसे बड़े नेता शामिल हुए। रोड शो के दौरान जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया।
पत्रकारों से बातचीत में विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार के चुनाव में एनडीए 2010 से भी अधिक सीटें जीतेगा। इससे एनडीए की आक्रामक चुनावी रणनीति और आत्मविश्वास का अंदाजा लगाया जा सकता है।
तेज प्रताप यादव ने आखिरी समय पर नामांकन टाला
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव आज महुआ सीट से जनशक्ति जनता दल के सिंबल पर नामांकन करने वाले थे, लेकिन आखिरी क्षण में उन्होंने नामांकन स्थगित कर दिया। अब वे गुरुवार को नामांकन दर्ज करेंगे। तेज प्रताप के इस फैसले ने सियासी अटकलों को हवा दे दी है कि क्या महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे या रणनीति को लेकर कोई आंतरिक मतभेद है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सोच-समझकर लिया गया है और इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक प्लान हो सकता है।
कृष्ण नंदन पासवान नहीं कर सके नामांकन, सिर्फ 2 मिनट की देरी से बड़ा झटका
मोतिहारी के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी मंत्री कृष्ण नंदन पासवान अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके। निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें मात्र दो मिनट की देरी के कारण नामांकन की अनुमति देने से इंकार कर दिया। पासवान ने कहा कि पूजा में देरी और नामांकन स्थल पर समर्थकों की भारी भीड़ के कारण समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अगले दिन फिर से नामांकन दाखिल करेंगे। यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई कि क्या यह सिर्फ तकनीकी चूक थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संकेत छिपा हुआ है।
दीघा सीट पर हाई-प्रोफाइल पॉलिटिक्स
दीघा विधानसभा सीट बुधवार को सबसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों में शामिल रही। बीजेपी प्रत्याशी डॉ. संजीव चौरसिया अपना नामांकन दाखिल करेंगे, जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और NDA के अन्य घटक दलों के नेता शामिल होंगे। चूंकि दीघा एक शहरी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट है, इसलिए यहां शक्ति प्रदर्शन बीजेपी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
नामांकन की हलतचल दिखा दिया चुनावी मुकाबले का ट्रेलर
नामांकन की हलचल से जाहिर हो रहा है कि बिहार चुनाव 2025 बेहद रोचक होने वाला है। एनडीए ने मंदिरों, बड़े नेताओं और रोड शो के सहारे अपनी ताकत दिखाई, जबकि महागठबंधन ने यादव परिवार की एकजुट उपस्थिति के जरिए अपनी मजबूती पेश की। कुछ सीटों पर ड्रामा हुआ, कहीं देरी ने चर्चा बटोरी, तो कहीं शक्ति प्रदर्शन ने राजनीतिक संदेश दिया। अब सभी की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि दूसरे दिन कौन-कौन मैदान में उतरते हैं और क्या कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आता है।












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