पटना के बंटी किडनैपिंग-मर्डर केस के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, हत्या के बाद नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश
Bunty Murder Case: पटना के चर्चित बंटी यादव अपहरण और हत्या मामले में गुरुवार, 16 जुलाई को बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस का मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी देश छोड़कर नेपाल भागने की तैयारी में है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने जाल बिछाया था।
मिली जानकारी के अनुसार, जब पुलिस ने रवीश को रोकने की कोशिश की तो उसने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो उसके दाहिने पैर में लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया है। मौके से हथियार और कुछ अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ गुरुवार सुबह करीब तीन बजे बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में एलएनटी से पूरब बांस घाट जाने वाले कच्चे रास्ते पर हुई।

पुलिस को सूचना मिली थी कि रवीश इसी रास्ते से पटना आने वाला है। टीम ने पहले से घेराबंदी कर रखी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने फरार बाकी आरोपियों की तलाश और तेज कर दी है। पुलिस ने बताया कि जैसे ही उन्होंने आरोपी को रोकने की कोशिश की, उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। एक गोली सरकारी वाहन की बोनट पर लगी। गाड़ी में मौजूद थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी सुरक्षित बच गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
ये भी पढ़ें: तड़पा कर की गई बंटी की हत्या! पोस्टमॉर्टम में हुए कई खुलासे, किडनैपिंग के बाद जो हुआ जानकार कांप जाएगी रूह
पैर में लगी गोली, देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस बरामद
जवाबी फायरिंग के दौरान रवीश के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे तुरंत पकड़ लिया गया और इलाज के लिए PMCH भेजा गया। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना में सिर्फ दो राउंड फायरिंग हुई। एक गोली आरोपी ने चलाई और एक पुलिस की ओर से चली। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा, मोबाइल फोन और आरोपी की चप्पल बरामद की। सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। बरामद हथियार की जांच कराई जाएगी।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि रवीश नेपाल भागने की तैयारी में था। पुलिस को उसकी आवाजाही की जानकारी पहले ही मिल गई थी, इसलिए उसे पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाई गई।
बंटी और रवीश के बीच पुरानी दुश्मनी
पुलिस का कहना है कि बंटी यादव और रवीश के बीच लंबे समय से इलाके में दबदबे को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और संपर्क होने के सबूत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि रवीश को लगता था कि बंटी की वजह से उसे पहले जेल जाना पड़ा था। बंटी यादव की हत्या के बाद से ही रवीश फरार चल रहा था। पुलिस कई दिनों से उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। गुरुवार को उसके शहर में आने की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
रवीश उर्फ बसिया पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, धमकी, लूट और शराब तस्करी जैसे मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अभी चार आरोपी और फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
6 जुलाई को हुआ था अपहरण, 11 को मिली लाश
बंटी यादव का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास टाटा पार्क इलाके से अपहरण किया गया था। इसके पांच दिन बाद 11 जुलाई को उसका शव अथमलगोला से बरामद हुआ। यह जगह पटना से करीब 62 किलोमीटर दूर है। जब शव मिला तो उसका चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। आंखें और नाख भी नहीं दिख रहे थे। शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। दाहिने हाथ का काफी हिस्सा खराब हो चुका था। हाथ पर बने टैटू को भी नुकीले चीज से मिटाने की कोशिश की गई थी।
पोस्टमॉर्टम में हुआ बड़ा खुलासा
डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, बंटी की हत्या बेरहमी से पीट-पीटकर की गई थी। शरीर पर किसी गोली या छर्रे के निशान नहीं मिले। जांच में सामने आया कि उसके चेहरे और हाथ पर भारी चीज से कई बार हमला किया गया था। पहचान छिपाने के लिए हाथ पर बना टैटू भी नुकीली चीज से मिटाने की कोशिश की गई थी।
इस मामले में बंटी के परिवार वाले आरोप लगा रहे हैं कि मोहल्ले में चल रहे सेक्स रैकेट का विरोध करने के कारण बंटी की हत्या की गई है। जबकि पुलिस का कहना है कि जांच में अब तक हत्या का संबंध किसी सेक्स रैकेट से नहीं मिला है। परिवार का आरोप है कि बंटी ने कुछ दिन पहले इलाके में हो रही लूट और कथित गलत गतिविधियों का विरोध किया था। आरोपियों ने उसे अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। बंटी के विरोध की वजह से आरोपी उससे नाराज थे और बाद में उसका अपहरण कर हत्या कर दी। परिवार का यह भी कहना है कि अपहरण के बाद उन्होंने कई बार पुलिस से मदद मांगी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण बंटी की जान नहीं बच सकी।












Click it and Unblock the Notifications