बिहार में दूसरी शादी का नया नियम लागू, पढ़ें सरकार की गाइडलाइंस नहीं तो हो सकता है नुकसान
बिहार सरकार की गाइडलाइंस में यह साफ़ कर दिया गया है कि पर्सनल लॉ के तहत किसी भी कर्मचारी को शादी करने की इजाज़त हो सकती है लेकिन सरकार के मुताबिक उनकी शादी तभी मान्य होगी जब विभाग से शादी की इजाज़त मिलेगी।
पटना 16 जुलाई 2022। बिहार में अब दूसरी शादी के लिए एनओसी लेना पड़ेगा, जी हां एनओसी, आप भी सोच रहे होंगे की यह बला क्या है। आइए विस्तार से जानते हैं कि पूरा मामला क्या है। दरअसल बिहार में दूसरी शादी करने लिए राज्य सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। ग़ौरतलब है कि गाइडलाइन खासतौर से राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए बनाई गई है। नीतीश सरकार के नए गाइडलाइन के मुताबिक सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी दूसरी शादी करना चाह रहे हैं तो उन्हें अपने विभाग को सूचना देनी होगी। अगर विभाग ने शादी की इजाज़त नहीं दी तो शादी अवैध मानी जाएगी। शादी के लिए संबंधित विभाग से अनुमती लेना ज़रूरी है।

बिहार सरकार की गाइडलाइंस जारी
बिहार सरकार की गाइडलाइंस में यह साफ़ कर दिया गया है कि पर्सनल लॉ के तहत किसी भी कर्मचारी को शादी करने की इजाज़त हो सकती है लेकिन सरकार के मुताबिक उनकी शादी तभी मान्य होगी जब विभाग से शादी की इजाज़त मिलेगी। अब सवाल यह उठता है कि सरकार ने शादी के नियम में बदलाव क्यों किया ? सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार के पास दूसरी शादी के संतान को अनुकंपा पर नौकरी दिलाने के हाल ही में कई मामले सामने आए थे। इस मामले में कई फ़र्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ था, जिसके बाद राज्य सरकार ने यह फ़ैसला लिया है कि विभाग की जानकारी के बिना दूसरी शादी करना अवैध माना जाएगा।

दूसरी शादी के लिए अपने विभाग को देनी होगी सूचना
बिहार सरकार में कार्यरत कर्मचारी को दूसरी शादी के लिए अपने विभाग को सूचना देनी होगी। विभाग को दूसरी शादी की जानकारी रहेगी तभी असामयिक मृत्यु पर दूसरी पत्नी से हुए संतान को अनुकंपा पर नौकरी मिलेगी। बिहार सरकार की दूसरी शादी को लेकर जारी नई गाइडलाइंस के सरकारी कर्मचारी अगर दूसरी शादी करने की ख्वाहिश रखते हैं तो उन्हें अपने विभाग को सुचित करने होगा। विभाग से इजाज़त यानी एनओसी मिलने के बाद ही शादी को माना जाएगा और फिर सरकारी लाभ मिल पाएगा।

अनुकंपा का मिलेगा फ़ायदा
सरकारी कर्मचारी अगर विभाग से शादी की इजाज़त लेने के बाद शादी करेंगे तो उनके संतान को इसका फ़ायदा मिल सकता है। इससे यह फ़ायदा होगा कि सरकारी सेवा में रहते हुए संबंधित व्यक्ति की असामयिक मौत होती है तो उसकी विधवा या फिर उसके बच्चे को अनुकंपा का फायदा मिलेगा। आपको बता दें कि कर्मचारी की विधवा को गुजारा पेंशन या अनुकंपा नौकरी देने में प्राथमिकता दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ़ से इस बाबत सभी विभागों के प्रमुखों, डीजीपी, अनुमंडलीय आयुक्त, सभी जिलों के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है।

पहली पत्नी को दी जाएगी प्राथमिकता
सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ़ से जारी आदेश में यह साफ़ कर दिया गया है कि दूसरी शादी करने के लिए इसका रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। दूसरी शादी से पैदा हुए संतान को अनुकंपा के तहत नौकरी तभी मिलेगी जब संबंधित व्यक्ति के पास विभागयी इजाज़त हो। सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन के नियम और शर्तों के मुताबिक की गई शादी को वैद्य माना जाएगा। गाइडलाइन के मुताबिक अगर किसी मामले में एक से ज़्यादा शादी जायज है तो अनुकंपा के लाभ के लिए प्राथमिका पहली पत्नी को ही दी जाएगी। दूसरी पत्नी के अनापत्ति पत्र के जमा नहीं करने तक उनकी बहाली पर विचार नहीं किया जा जाएगा।
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