Bihar Farmers Subsidy: 'सरकार’ का किसानों को तोहफ़ा, इस काम के लिए 3.65 लाख तक की आर्थिक सहायता, जानिए योजना

Bihar Farmers Subsidy: बिहार में किसानों के बीच ड्रोन तकनीक का चलन बढ़ रहा है, जो कीटनाशकों के इस्तेमाल के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करता है। यह नवाचार फसलों पर पौधों की सुरक्षा के लिए रसायनों और उर्वरकों का सटीक छिड़काव करने की अनुमति देता है।

केंद्र सरकार ने नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की है, जिसका लक्ष्य जीविका महिला समूहों को 201 ड्रोन वितरित करना है। महिला स्वयं सहायता समूहों को सहायता प्रदान करने वाली इस पहल के लिए 1261 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दी गई है।

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कृषि भवन परिसर में आयोजित प्रदर्शनी में कृषि मंत्री ने ड्रोन तकनीक के लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इस वर्ष सभी 101 उपखंडों में कृषि ड्रोन खरीदने पर 60% या 3.65 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त छिड़काव शुल्क का 50% या 240 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान दिया जाएगा।

पांडे ने इस बात पर जोर दिया कि ड्रोन पारंपरिक खेती के तरीकों में क्रांति ला रहे हैं, जिससे किसान स्मार्ट खेती की ओर बढ़ रहे हैं। प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रही प्रगति ने भारतीय कृषि को काफी लाभ पहुंचाया है। ड्रोन फसलों की निगरानी करते हुए मिट्टी और कृषि योग्य भूमि का विश्लेषण कर सकते हैं, जिससे मानव श्रम कम होगा और दक्षता बढ़ेगी।

डेटा संग्रह और कृषि उत्पाद उपयोग के लिए ड्रोन का उपयोग करके नए सेवा मॉडल उभर सकते हैं। महिलाएं भी ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षण लेकर आगे बढ़ रही हैं, जो खेती के तरीकों में इस तकनीकी बदलाव में योगदान दे रही हैं।

विधायक देवेशकांत सिंह ने बताया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के बीच ड्रोन के उपयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। इन पहलों का उद्देश्य पारंपरिक प्रथाओं में आधुनिक तकनीक को एकीकृत करके कृषि उत्पादकता और दक्षता को बढ़ाना है।

इस कार्यक्रम में कृषि सचिव संजय अग्रवाल, विशेष सचिव वीरेंद्र यादव, बीआरबीएन के एमडी डॉ. आलोक रंजन घोष और अन्य प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने कृषि प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इस कार्यक्रम में पटना, सीवान, सारण, भोजपुर, वैशाली और नालंदा के छह जिलों के किसानों के साथ-साथ पटना जिले की 100 से अधिक जीविका दीदियों ने भी हिस्सा लिया। इफको से जुड़े प्रगतिशील किसानों ने भी इसमें हिस्सा लिया और कृषि में ड्रोन तकनीक को अपनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास को प्रदर्शित किया।

यह पहल कुशल कृषि पद्धतियों के लिए ड्रोन तकनीक का लाभ उठाकर बिहार में कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों के रूप में महिलाओं की भागीदारी कृषि में तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में सरकार द्वारा अपनाए गए समावेशी दृष्टिकोण को और उजागर करती है।

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