Bihar के श्रम संसाधन मंत्री से मांगी 30 लाख की फिरौती, Police ने 30 मिनट में UP से किया गिरफ़्तार
Bihar Police News Update Hindi: बिहार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह से 30 लाख की फिरौती मांगने वाले एक अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी संजय यादव को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसने फिरौती न देने पर मंत्री को जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी: मंत्री संतोष कुमार सिंह को अचानक फिरौती की मांग करते हुए फोन आया। साथ ही उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए धमकी भरे मैसेज भी भेजे गए। मंत्री ने तुरंत कोतवाली थाना को घटना की सूचना दी, इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई, तकनीकी माध्यम से उन्होंने संजय यादव की पहचान संदिग्ध के रूप में की। उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से रिपोर्ट के 30 मिनट के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। तफ्तीश में कई हैरतअंगेज़ खुलासे भी हुए।
मंत्री को धमकाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और नंबर यादव के पास से बरामद किया गया। इस सबूत ने उसे अपराध से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। उसकी गिरफ्तारी विभिन्न पुलिस विभागों के बीच प्रभावी सहयोग को उजागर करती है।
आरोपी का कबूलनामा: पूछताछ के दौरान संजय यादव ने बताया कि जबरन वसूली के पीछे उसकी वजह आर्थिक तंगी थी। वह मुंबई में एक कपड़े की दुकान पर काम करता था और अपना घर बनवा रहा था, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। आर्थिक तंगी के चलते उसने मंत्री से पैसे मांगे।
यादव ने फेसबुक के माध्यम से मंत्री सिंह के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई थी और लॉरेंस बिश्नोई के वीडियो से प्रभावित था। इसी प्रेरणा से उसने रंगदारी मांगने की ऐसी दुस्साहसिक कोशिश की। वहीं पुलिस दूसरे पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच: पुलिस अब संजय यादव को गिरफ़्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही है। वे उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रहे हैं और किसी भी अतिरिक्त सुराग या कनेक्शन के लिए उसके मोबाइल रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं।
मध्य पटना की एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया, "शिकायत मिलने के बाद विशेष टीम गठित की गई और उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया। गिरफ्तार आरोपी संजय यादव के आपराधिक इतिहास और मोबाइल नंबर की भी जांच की जा रही है।"
यह मामला अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने में त्वरित पुलिस कार्रवाई और अंतर-राज्यीय सहयोग के महत्व को रेखांकित करता है। यह हमें याद दिलाता है कि कैसे तकनीक अपराधियों की पहचान करने और उन्हें जल्दी से पकड़ने में कानून प्रवर्तन में मदद कर सकती है।












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