New Year 2023: नए साल पर सरकार ने बनाई नई योजना, जानिए क्या-क्या होंगे बदलाव ?
नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार में योजनाओं में भी बदलाव किए गए हैं। योजनाओं को सही ढंग से चलाने के लिए टीम का गठन भी किया गया है। इसके साथ आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका की भर्ती नियमों में भी बदलाव किया गया है।

New Year 2023: बिहार में नये साल के आगमन के साथ ही सरकार ने नए बदलाव किए हैं। अब आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका चयन में प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इसके तहत अब मान्यता प्राप्त संस्थानों की ही डिग्री मान्य होगी। ऑनलाइन आवेदन करने पर मान्यता प्राप्त संस्थान की डिग्री को ही अपलोड करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो आवेदक को संबंधित पद के लिए मान्य नहीं होंगे। सेविका-सहायिका के चयन के लिए समाज कल्याण विभाग ने मार्गदर्शिका की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से इंटर और उसके पैरलल डिग्री होनी ज़रूरी है। आपको बता दें कि इससे पहले कई मामले आए थे जिसमे सेविका और सहायिका द्वारा दिए गए दस्तावेज़ फ़र्ज़ी थे। इस बाबत कई लोगों पर कार्रवाई भी हुई थी।

चयन संबंधित जांच के लिए टीम का गठन
सेविका और सहायिका के चयन में के लिए त्रीस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो चयन से संबंधित मामलों की जांच करेगी। चयन प्रक्रिया में इस बात का खयाल रखा जाएगा कि संबंधित पद पर योग्य आवेदक को ही जगह मिले। मेरिट के मुताबिक आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता के आधार लिस्ट तैयार की जाएगी। अधिसूचना में दो या दो से ज्यादा अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता समान रहने पर, ज्यादा अंक वाले अभ्यर्थियों का ही चयन संबंधित पद (सेविका और सहायिका) पर किया जायेगा।

65 साल की उम्र सीमा तक कर सकेंगी काम
सेविका और सहायिका के चयन के लिए आवेदन करने की तारीख तक कम से कम 18 साल होना ज़रूरी है। वहीं अधिकतम उम्र सीमा 35 साल है, ग़ौरतलब है कि सभी चयनित अभ्यर्थी 65 साल की उम्र सीमा तक काम कर पाएंगी। इसके बाद वह खुद ही रिटायर हो जाएंगे। चयन प्रक्रिया में हुए बदलाव की जानकारी के बाद आइए आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानते हैं। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा चयन के लिए विज्ञापन अखबारों में निकाला जाएगा। इसके अलावा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। आवेदन करते वक्त सभी दस्तावेज़ पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

30 दिनों के अंदर कर सकते हैं अपील
मेधा सूची के लिए गठित त्रिस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी में उपविकास आयुक्त अध्यक्ष रहेंगे। इसके अलावा डीएम द्वारा चुने गए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के पदाधिकारी सदस्य रहेंगे। वहीं कमेटी में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सदस्य सचिव की तौर पर रहेंगै। आपको बता दें कि मेधा सूची अपलोड होने के 15 दिनों के अंदर आपत्ति दायर कर सकते हैं। जो अभ्यर्ती चयन से संतुष्ट नहीं होंगे वह चयन तिथि से 30 दिनों के अंदर जिला पदाधिकारी द्वारा नामित अपर समाहर्ता के पास अपील कर सकती है। इस संबंध में शपथ पत्र और साक्ष्य देना ज़रूरी होगा। अपील पर तीन माह अंदर निष्पादन किया जाएगा।
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हर घर जल पहुंचाने की कवायद तेज़
सेविका के चयन नियम बदलाव के बाद नए साल में हर घर जल पहुंचाने की योजना पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। बिहार में 99 फीसद से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। इस योजना की जांच के मद्देनज़र कई स्तर पर टीम का गठन हुआ है। 24 घंटे सातों दिन तक योजना बेहतर ढंग से चले, इसके लिए 17 चलंत टीम बनायी जा रही है। चलंत टीम में एक सुपरवाइजर (आइटीआइ पास) और दो हेल्पर रहेंगे। यह लोग योजना में आ रही समस्याओं को दूर करेंगे। इसके साथ ही योजना के नियम औऱ पानी की बर्बादी रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। आपको बता दें कि जल्द ही PHE सुपरवाइजरों की संविदा पर नियुक्त करेगा। ग्रामीण इलाकों में फरवरी से चलंत टीम भ्रमण करती हुई नज़र आएगी। सरकार चलंत टीम के लिए 17 गाड़ी खरीदने जा रही है।
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