NEET Success Story: बिहार के बेटे ने UP में लहराया हुनर का परचम, ज़िमरान ने बताया भविष्य का क्या है प्लान?
Success Story NEET: कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और पारिवारिक समर्थन - जब ये तीनों एक साथ होते हैं, तब कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है ज़िमरान ख़ान की, जिन्होंने NEET-2025 परीक्षा में 598 अंक प्राप्त करते हुए All India Rank 1516 हासिल की है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र, बिहार के पटना में जड़ें
ज़िमरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बॉयज़) के छात्र हैं, लेकिन उनका मूल निवास बिहार के पटना स्थित फ़्रेज़र रोड पर है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई एस.टी.एस. स्कूल (मिंटो सर्कल), अलीगढ़ से की, और 12वीं कक्षा एएमयू स्कूल से उत्तीर्ण की।

ज़िमरान के छोटे सपने नहीं, बड़ा इरादा था
बचपन से ही ज़िमरान एक गंभीर, अनुशासित और लक्ष्य-निर्धारित छात्र रहे हैं। उन्होंने मेडिकल की कठिनतम परीक्षा की तैयारी पूरे समर्पण और धैर्य के साथ की। ज़िमरान का मानना है कि"सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। मेहनत, सब्र और बुज़ुर्गों की दुआओं से ही कामयाबी मिलती है।"
पारिवारिक समर्थन बना मजबूत आधार
ज़िमरान के पिता बिलालुद्दीन ख़ान एक ईमानदार और परिश्रमी व्यवसायी हैं, जो इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम का संचालन करते हैं। इस उपलब्धि में उनके परिवार की भूमिका भी अहम रही। ज़िमरान ने विशेष रूप से अपने मामू - डॉ. सैफ़ुल्लाह ख़ान (भदिया, गया) का नाम लिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की।
AMU और बिहार दोनों को किया गौरवान्वित
AMU की फैकल्टी, सहपाठियों और स्थानीय समुदाय ने ज़िमरान की सफलता पर गर्व जताया है। डॉ. शहबाज़ हुसैन, जो AMU विमेंस पॉलिटेक्निक के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत हैं, ने कहा: "ज़िमरान की यह सफलता केवल नंबरों की नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास की जीत है।" ज़िमरान की यह उपलब्धि न सिर्फ अलीगढ़, बल्कि पटना और पूरे बिहार के छात्रों को यह संदेश देती है कि अगर नीयत साफ़ हो और मेहनत सच्ची - तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं।
भविष्य की राह: एक डॉक्टर, एक रोल मॉडल
अब ज़िमरान का सपना है एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना। वे स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसे काम करना चाहते हैं जिससे वंचित वर्ग को भी बेहतर इलाज और इंसानियत मिल सके। ज़िमरान ख़ान की यह कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है - यह कहानी है आत्मविश्वास, संघर्ष, और परिवार की साझी ताक़त की। उम्मीद है कि ज़िमरान जैसे युवा आने वाले समय में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव की लहर बनेंगे।












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