NDA Seat Sharing: सीट बंटवारे में उपेंद्र कुशवाहा की हुई अनदेखी? अब समर्थकों से की भावुक अपील
NDA Seat Sharing: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है। बीजेपी और जेडीयू दोनों को 101-101 सीटें मिली हैं। उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी की पार्टी को सिर्फ 6-6 सीटें मिली हैं। मांझी जहां 15 सीटों की डिमांड कर रहे थे, तो कुशवाहा भी 10 से कम पर मानने के लिए तैयार नहीं थे। हालांकि, 6 सीटें मिलने पर ऐसा लग रहा है कि खुद वह भी संतुष्ट नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने समर्थकों से पूरी निष्ठा के साथ चुनाव में उतरने की अपील की है।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग एनडीए के लिए सबसे बड़ा सिर दर्द था। पटना से लेकर दिल्ली तक कई राउंड मीटिंग चली और बैठकें हुईं। आखिरकार सभी घटक दलों को मनाकर सीट बंटवारे पर आम सहमति बनाने में बीजेपी सफल रही है। हालांकि, इसमें कुशवाहा की 10 सीटों की डिमांड पूरी नहीं हो सकी। नीतीश कुमार की भी बीजेपी से कम से कम एक सीट ज्यादा पर लड़ने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई।

NDA Seat Sharing के फैसले पर छलका उपेंद्र कुशवाहा का दर्द
उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर समर्थकों से भावुक अपील की है। उन्होंने सभी समर्थकों से पूरी ताकत के साथ चुनाव में उतरने का आह्वान करते हुए लिखा, ' प्रिय मित्रों/साथियों, आप सभी से क्षमा चाहता हूं. आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पायी। मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों - लाखों लोगों का मन दुखी होगा।'
इसी पोस्ट में आगे उन्होंने लिखा है कि आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा। आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि आपसे विनम्र आग्रह है कि आप गुस्सा को शांत होने दीजिए, फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित। फिर कुछ आने वाला समय बताएगा। फिलहाल इतना ही।
यह भी पढ़ें: Bihar Chunav: सुशांत सिंह राजपूत की बहन लड़ेंगी बिहार चुनाव, इस पार्टी के टिकट पर VIP सीट से भरेंगी हुंकार
Bihar Chunav में सीट शेयरिंग बनी सबसे बड़ा सिर दर्द
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग तय हो गया है, लेकिन महागठबंधन की मुश्किलें दूर होती नहीं दिख रही है। लालू यादव और राबड़ी देवी समेत कई आरोपियों पर आईआरसीटीसी घोटाले में आरोप तय किए गए हैं। इसके बाद अब चुनाव में लालू परिवार पर भ्रष्टाचार को लेकर जेडीयू और बीजेपी अपने हमले और तेज कर सकती है। इस घोटाले में तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं। इसके अलावा, महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर अब तक कई राउंड चर्चा के बाद भी अंतिम फैसला नहीं हो सका है। कुल मिलाकर चुनाव से पहले सियासी पारा काफी हाई है।
यह भी पढ़ें: Bihar Chunav 2025: NDA में सीट बंटवारा हो गया, महागठबंधन में कहां फंस रहा है पेंच, समझिए सियासी गणित












Click it and Unblock the Notifications