Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bihar Chunav: कौन हैं कामरान जिनका RJD ने काटा टिकट, निर्दलीय भरा नामांकन, जनसैलाब ने उड़ाई तेजस्वी की नींद

Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले ही चरण में गोविंदपुर (नवादा) से RJD के पूर्व विधायक मोहम्मद कामरान ने सियासत में हलचल मचा दी है। 2020 में RJD टिकट पर जीत हासिल करने वाले कामरान का टिकट इस बार पार्टी ने काट दिया और उनकी जगह पूर्णिमा यादव को उम्मीदवार बनाया।

इस फैसले ने पार्टी समर्थकों में असंतोष और नाराज़गी पैदा कर दी। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर आरोप उठे कि पार्टी नेतृत्व ने कामरान के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें धोखा दिया।

Bihar Elections 2025

मोहम्मद कामरान: मजबूती और जनता का समर्थन
विधायक रहते हुए कामरान ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की और विकास तथा संगठनात्मक सक्रियता के जरिए जनता में विश्वास पैदा किया। टिकट कटने के बावजूद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया, और उनके समर्थकों ने खुलकर उनका समर्थन किया। जनसैलाब उमड़ने से यह स्पष्ट हो गया कि कामरान सिर्फ राजनीतिक नाम नहीं हैं, बल्कि गोविंदपुर के वोट बैंक में प्रभावशाली चेहरा हैं।

कामरान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया था कि इस बार टिकट नहीं मिलेगा। इसके बाद उन्होंने जनता के सामने अपना फैसला रखा और निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान किया। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने उन्हें अन्य विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया, क्योंकि उनका पूरा अनुभव और जुड़ाव गोविंदपुर की जनता से है।

सीट का राजनीतिक समीकरण
गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, यादव, पिछड़ा वर्ग और अन्य जातीय समीकरण निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कामरान का निर्दलीय उतरना RJD के लिए चुनौती बन सकता है क्योंकि इससे कोर वोट बैंक बंट सकता है और सीट पर तीन-कोणीय मुकाबला बन सकता है। इसके अलावा, NDA और तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार इस स्थिति का लाभ उठा सकते हैं।

कामरान ने कहा, "मैंने 12 हजार से लेकर 80 हजार वोट तक जनता से प्राप्त किए हैं। उस जनता को छोड़कर किसी और क्षेत्र से चुनाव लड़ना मेरे लिए संभव नहीं था। मैं पूरी रणनीति और मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरूंगा और जनता से मेहनताना मांगूंगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोटा के आधार पर टिकट कटने का मुद्दा उनके लिए मायने नहीं रखता।

RJD के लिए चुनौती
पार्टी नेतृत्व पर दबाव है कि वे कामरान को मनाएँ या निर्दलीय दांव का सामना करें। यदि इस असंतोष को समय पर नहीं सुलझाया गया, तो न सिर्फ गोविंदपुर बल्कि अन्य सीटों पर भी RJD की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र अब बिहार चुनाव 2025 का सबसे गर्म सियासी रणभूमि बन चुका है।

गोविंदपुर बना चुनावी सेंटर
मोहम्मद कामरान की निर्दलीय उम्मीदवारी और उनके समर्थकों का उत्साह यह संकेत देता है कि यह सीट निर्णायक भूमिका निभा सकती है। चुनावी मैदान में कामरान ने अपने कदम से राजनीतिक भूचाल ला दिया है और गोविंदपुर की इस लड़ाई पर नज़र हर राजनीतिक दल और जनता की टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह सीट बिहार चुनाव 2025 की सबसे चर्चित और रोमांचक सीटों में शामिल हो सकती है।

मोहम्मद कामरान ने टिकट कटने के बाद निर्दलीय पर्चा भरकर यह साबित कर दिया कि उनका प्रभाव और समर्थन केवल RJD तक सीमित नहीं है। गोविंदपुर अब चुनावी सियासत का हॉटस्पॉट बन चुका है और आने वाले परिणाम बिहार की राजनीतिक दिशा पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+