Navratri 2022: पटना में विक्टोरिया मेमोरियल तो भागलपुर में दिखेगा अयोध्या मंदिर का नज़ारा
बिहार के भागलपुर जिले में दुर्गा पूजा के मौक़े पर अयोध्या के राम मंदिर का नज़ारा देखने को मिलने वाला है। अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर मारवाड़ी पाठशाला में पंडाल बनाया जा रहा है।
पटना, 23 सितंबर 2022। पूरे देश में नवरात्रि की धूम है, इस बार बिहार में नवरात्रि के मौक़े पर विभिन्न ज़िलों में अलग-अलग नज़ारा देखने को मिलने वाला है। बिहार की राजधानी पटना में विभिन्न जगहों पर शानदार पंडाल बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोलकाता का विक्टोरिया मेमोरियल पैलेस की तर्ज पर बोरिंग रोड में पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। बताया जा रहा है पंडाल की ऊंचाई 60 फीट और चौड़ाई 50 फीट होगी। पंडाल बनाने में क़रीब 5 लाख रुपये की लागत आएगी। मिली जानकारी के मुताबिक सात कारीगर झारखंड के मधुपुर से आकर इस पंडाल का निर्माण कर रहे हैं। 30 सितंबर तक विक्टोरिया मेमोरियल पैलेस की तर्ज पंडाल बनकर तैयार हो जाएगा।

बोरिंग रोड में 1 KM तक पिक्सल लाइटिंग
पंडाल में वैष्णो देवी की तर्ज पर मूर्ति बनाई जा रही है, इसके साथ भैरवनाथ का पिंड भी तैयार करवाया जा रहा है। कोलकाता से आए हुए पांच कारीगर मूर्ति बना रहे हैं। मां दुर्गा की मूर्ति समेत अन्य मूर्तियां एक ही फ्रेम में रहेगी। ग़ौरतलब है कि मां दुर्गा की 12 फीट लंबी प्रतिमा बनाने में डेढ़ लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके साथ ही पटना में पहली बार पिक्सल लाइटिंग की सजावट भी देखने को मिलने वाली है। पिक्सल लाइटिंग सिर्फ बोरिंग रोड में एक किलोमीटर तक के दायरे में जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक गेट बनाने से लेकर लाइटिंग का सारा काम कोलकाता से आए हुए कारीगर कर रहे हैं।

अयोध्या के राम मंदिर का नज़ारा
बिहार के भागलपुर जिले में दुर्गा पूजा के मौक़े पर अयोध्या के राम मंदिर का नज़ारा देखने को मिलने वाला है। अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर मारवाड़ी पाठशाला में पंडाल बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि पूरे शहर में सबसे बड़ा पंडाल का निर्माण मारवाड़ी पाठशाला में हो रहा है। भागलपुर के मारवाड़ी पाठशाला में आप मां दुर्गा के दर्शन करने जायेंगे तो वहां राम मंदिर का नज़ारा देखने मिलेगा। इसके अलावा भागलपुर शहर में 70 से ज्यादा जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाने वाली है। ग़ौरतलब है कि इसमें 25 जगहों पर विशाल पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। सभी जगहों पर अलग-अलग थीम पर पंडाल का निर्माण हो रहा है।

5 अक्टूबर को होगा नवरात्रि का समापन
26 सितंबर से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, कलश की स्थापना भी उसी दिन की जाएगी। सुबह 6:20 से 10:19 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। वरिष्ट पुजारी की मानें तो इस बार हाथी पर मां जगदम्बा का आगमन होने वाला है। ऐसा संयोग कई सालों बाद बनता है। हाथी पर माता के आगमन का मतलब अच्छी बारिश होगी, खेती में किसानों को खेती में काफी फ़ायदा होगा। विजय दशमी के साथ वही इस बार नवरात्रि का समापन 5 अक्टूबर को होगा।
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