Judy Awards जीत कर बिहार की बेटियों ने बढ़ाया मान, कहा- अंतरिक्ष पर जाने के लिए करेंगे मेहनत

अन्नु कुमारी और पुष्पा कुमारी ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता और शिक्षक को दिया है। वहीं उन्होंने कहा कि इस बार अंतरिक्ष के शहर गई थीं, अब वह मेहनत कर अंतरिक्ष पर पहुंचेंगे।

Nalanda Student Got National Student Innovation Challenge NSIC Judy Award

Judy Awards: बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं है, विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के बेटे और बेटियां नाम रोशन कर रही हैं। आज हम आपको नालंदा जिले की रहने वाली दो बेटियों से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिन्होंने बैंगलुरु में ज्यूड़ी अवार्ड जीत कर प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। NSIC के तहत 16 फरवरी को बैगलुरु में प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में नालंदा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय (दौलाचक, गिरियक प्रखंड) की दो छात्रा ने ज्यूड़ी अवार्ड अपने नाम किया है। इस प्रतियोगिता भाग लेने से पहले छात्रों ने ऑनलाइन टेस्ट दिया था।

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    पटना से बैगलुरु गईं थीं छात्राएं

    पटना से बैगलुरु गईं थीं छात्राएं

    ऑनलाइन टेस्ट में दोनों छात्रा पास हुईं, जिसके बाद स्वयं सेवी संस्थान की तरफ़ से दोनो छात्राओं को फ्लाइट से बैगलुरु ले जाया गया। कक्षा आठ की छात्रा अन्नु कुमारी और कक्षा 7 की छात्रा पुष्पा कुमारी शारदा टीम को रिप्रेजेंट कर रही थी। वहीं बेगलुरु से भी दो और छात्रा इस टीम का हिस्सा थी। दो चरणों में आयोजित प्रतियोगिता का पहला चरण 14 फरवरी को ऑनलाइन आयोजित किया गया था। इसके बाद दूसरा चरण 16 फरवरी को बैगलुरु में आयोजित हुआ था। प्रतियोगिता के स्पॉन्सर स्वयंसेवी संस्था ई-विद्यालोक के रिप्रेजेंटेटिव रौशन कुमार के साथ दोनों बच्चियां पटना एयरपोर्ट से बेंगलुरु के गई थीं।

    1100 छात्रों ने लिया था प्रतियोगिता में भाग

    1100 छात्रों ने लिया था प्रतियोगिता में भाग

    16 फरवरी को स्पेस इकोनॉमी टॉपिक इन्होंने अपना प्रेजेंटेशन दिया जिसके बाद इनकी टीम को ज्यूरी अवार्ड से नवाज़ा गया। आपको बता दें कि किसी भी प्रतियोगिता में अच्छा परफॉर्मेंस देने वाले प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के ज्यूरी की तरफ़ से दिए अवार्ड को ज्यूरी अवार्ड कहते हैं। बिहार की बेटियों को ज्यूरी अवार्ड के तहत प्रथम पुरस्कार दिया गया। सभी प्रतिभागी छात्राओं को 20 हज़ार रुपये, मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया गया है। ग़ौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में पूरे देश से क़रीब 1100 छात्रों ने भाग लिया था। बिहार से सिर्फ दो ही छात्राओं ने अंतिम चरण में जगह बना पाई। कामयाबी का परचम लहराने के बाद गांव लौटी बेटी को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

    माता-पिता और शिक्षक को दिया कामयाबी का श्रेय

    माता-पिता और शिक्षक को दिया कामयाबी का श्रेय

    कक्षा आठ की छात्रा अन्नु कुमारी और कक्षा 7 की छात्रा पुष्पा कुमारी ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता और स्कूल के शिक्षकों को दिया है। छात्राओं ने कहा कि पहली बार दूसरे प्रदेश में जाने का मौका मिला, काफी नर्वस महसूस कर रही थी। वहां पहुंचने के बाद सभी प्रतिभागी अंग्रेजी में बात कर रहे थे। लेकिन सर ने मनोबल बढ़ाते हुए हम लोगों को प्रेरित कर रहे थे। मनोबल बढ़ाने की वजह से कामयाबी मिली है। वहीं दोनों बच्चियों ने कहा कि इस बार अंतरिक्ष के शहर गए थे, अगली बार मेहनत कर अंतरिक्ष पर जाएंगे।

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