बिहार: मुजफ्फरपुर में महिला की जान से खिलवाड़, यूट्रस का ऑपरेशन बता कर निकाल ली किडनी
सुनीता की हालत नाजुक बनी हुई है, वहीं इस मामले में डॉक्टर यूसी शर्मा (सिविल सर्जन) ने कहा की यह बहुत ही अफसोसनाक और गंभीर मामला है। मामले को संज्ञान में लेते हुए पीएचसी प्रभारी से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की गई है।
मुजफ्फरपुर, 12 सिंतबर 2022। बिहार के विभिन्न जिलों से स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर फ़र्ज़ीवाड़े की खबर आए दिन देखने को मिल रही है। ताज़ा मामला मुजफ्फरपुर का बताया जा रहा है, जहां यूट्रस का ऑपरेशन बता कर बाजी गांव (बरियारपुर ओपी) की रहने वाली सुनीता देवी का निजी अस्पताल में किडनी ही निकाल ली गई। परिजनों को जब मामले की जानकारी हुई तो जमकर हंगामा किया। परिजनों के हंगामा करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर रही हैं। वहीं महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। इलाज के लिए एसकेएमसीएच (मुजफ्फरपुर) के आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों ने रिपोर्ट की पुष्टी के लिए दोबारा महिला का दोबारा टेस्ट करवाया है।

परिजनों के पास बेहतर इलाज के लिए नहीं हैं पैसे
सुनीता की हालत नाजुक बनी हुई है, वहीं इस मामले में डॉक्टर यूसी शर्मा (सिविल सर्जन) ने कहा की यह बहुत ही अफसोसनाक और गंभीर मामला है। मामले को संज्ञान में लेते हुए पीएचसी प्रभारी से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट से किडनी कब और कहां निकाली गई है कि जानकारी मिल पाएगी। इस मामले की अपने स्तर से भी जांच करवाई जा रही है। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि महिला के परिजनों के पास बेहतर इलाज के लिए पैसे भी नहीं हैं। प्रशासन की तरफ से भी किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है।

3 सिंतबर को हुआ था ऑपरेशन
डॉक्टर सतीश कुमार की मानें तो देर शाम महिला को आईसीयू में भर्ती करवाया गया, लेकिन बालत नाजुक होने की वजह से उसे पटना रेफर किया गया, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने का हवाला देकर परिजन मरीज को पटना नहीं ले जाना चाह रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा चंदा कर महिला का इलाज कराया जा रहा है। आपको बता दें कि 3 सितंबर को सुनीता का ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से ही मरीज की हालत बिगड़ते जा रही है। शरीर में सूजन होने की वजह से महिला शौच भी नहीं कर पा रही है और कुछ खा भी नहीं पा रही है।

मरीज़ को वापस गांव ले आये परिजन
ग्रामीणों की मानें तो सुनीता का पीएमसीएच में इलाज किया जा सकता था, लेकिन किडनी निकालने वाली बात पता चलने के बाद परिजन मरीज़ को गांव लेकर आ गए। पीएमसीएच के सूत्रों की मानें तो महिला का उस दिन ही इलाज शुरू हो जाता लेकिन परिजन मरीज को गांव लेकर वापस चले गए इसलिए ही उसकी हालत और गंभीर हो गई है। एसकेएससीएच में महिला का इलाज चल रहा है। महिला की किडनी निकालने वाले नीजि अस्पताल में की जांच करने एसएसपी जयकांत पहुंचे। अस्पताल का नज़ारा देख कर नज़ारा देखकर वह भी दंग रह गए।

पुलिस ने की क्लिनिक में छापेमारी
क्लिनिक में छापेमारी के दौरान पुलिस की टीम ने पाया कि वहां नर्सिंग होम जैसी कोई सुविधा वहां नहीं थी। चौकी पर लिटाकर मरीज़ों का ऑपेरशन किया जाता था। शुभकान्त क्लीनिक की जांच करने एसएसपी जयंतकांत के साथ सकरा और बरियापुर पुलिस भी पहुंची थी। पुलिस की टीम जब पहुंची तो क्लिनिक के मेन गेट पर ताला बंद पाया। फिर एसएसपी ने नर्सिंग होम के पीछे देखा तो वहां एक लकड़ी का दरवाजा था। उस दरवाजे से पुलिस की टीम अंदर दाखिल हुई। वहां पर बरामद मेडिकल इक्विपमेंट, मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स, दवाई समेत अन्य सामानों को जब्त किया गया।

क्लीनिक के प्रिस्क्रिप्शन से मिला सुराग
पुलिस की टीम ने क्लिनिक में एक चौकीदार की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई भी अंदर दाखिल नहीं हो, मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी जयकांत ने बताया कि मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के में शामिल लोगों का पता किया जा रहा है, क्लीनिक के प्रिस्क्रिप्शन से संचालक पवन कुमार और डॉक्टर नारायण यादव का नाम सामने आया है, इसकी भी जांच की जा रही है। बहुत जल्द क्लिनिक संचालक और ऑपरेशन में शामिल डॉक्टर पुलिस की गिरफ़्त में होंगे।
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