पहले लड़के ने धर्म बदलकर लिखी किताब, फिर पढ़कर प्यार में लड़की ने भी बदला धर्म और रचाई शादी
किताब के प्रिंट लाइन में छपे मुस्लिम राइटर के नंबर पर फोन कर पहले तो लड़की ने प्यार का इजहार किया और फिर दोनों एक दूसरे से मिलकर एक हो गए।
पटना। बिहार के बेगूसराय जिले में एक हिंदू लड़की का फिल्मी तरीके से मुस्लिम धर्म अपनाने का मामला सामने आया है। जिसे सुनने के बाद वहां उपस्थित सभी लोगों के साथ-साथ पुलिस भी दंग रह गई। हिंदू लड़की को एक मुस्लिम राइटर की किताब से इतना लगाव हो गया कि वो उसके बारे में डिटेल निकालने लगी और मुस्लिम राइटर से एक तरफा प्यार करने लगी। किताब के प्रिंट लाइन में छपे मुस्लिम राइटर के नंबर पर फोन कर पहले तो लड़की ने प्यार का इजहार किया और फिर दोनों एक दूसरे से मिलने के लिए पहुंचे जहां पहली नजर में ही दोनों के बीच सात जन्मों का वादा हुआ और दोनों मुस्लिम धर्म के अनुसार शादी कर साथ रहने लगे। लड़की के घर से गायब होने के बाद उसके पिता ने उसके अपहरण हो जाने की शिकायत नजदीकी थाने में दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को सकरबासा से बरामद कर झारखंड के सरायकेला खरशो पुलिस के हवाले कर दिया है।

किताब पढ़ते-पढ़ते हो गया प्यार
जानकारी के मुताबिक सकरबासा गांव का रहने वाला रामबालक यादव पेशे से टीचर है उसी ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम मो. अब्दुल्ला रख लिया जिसके बाद वो मुस्लिम धर्म पर एक किताब लिखने लगा। किताब लिखने के बाद जब वो मार्केट में गई तो इसकी कहानी को पढ़कर जमशेदपुर सरायकेला खरशो जिले के आरआईटी थाना एरिया के रहने वाले सत्येंद्र सिंह की बेटी प्रीति कुमारी काफी प्रभावित हुई और इस किताब के राइटर से वो एक तरफा प्रेम करने लगी। एक तरफा प्रेम में पड़ी प्रीति, अब्दुल्ला के मोबाइल पर संपर्क किया और फिर प्यार का इजहार कर दोनों एक दूसरे से मिलने के लिए बिहार पहुंचे जहां दोनों की मुलाकात होते ही शादी करने का फैसला लिया गया।

किताब ने दिलाया प्यार!
दोनों प्रेमी जोड़ों ने मुस्लिम धर्म के मुताबिक मस्जिद में शादी कर ली। वहीं लड़की के पिता के द्वारा की गई अपहरण की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी तलाशी के दौरान उसे बरामद किया गया। बिहार में बरामद होने के बाद झारखंड पुलिस अब्दुल्ला और प्रीति को पूछताछ के लिए झारखंड ले गई। अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताते हुए प्रीति ने कहा कि किताब पढ़ने के बाद मुझे कहानी काफी पसंद आई और कहानी पढ़ते-पढ़ते मुझे उनसे प्यार हो गई।

किताब पर छपा था राइटर का नंबर
जिसके बाद किताब पर लिखे संपर्क सूत्र से उनसे संपर्क हुआ और धीरे-धीरे हम दोनों ने अपने दिल की बात कही। तो दूसरी तरफ मोहम्मद अब्दुल्ला का कहना है कि वो पहले स्कूल में टीचर था और उसे लोग किशोर यादव के नाम से जानते थे लेकिन साल 2016 में उसने इस्लाम धर्म कबूल करते हुए अपना नाम बदल कर अब्दुल्ला रख लिया। नाम बदलने के बाद उसने सनातन धर्म के नाम से एक किताब लिखी। जिस किताब को पढ़ने के बाद प्रीति उसके संपर्क में आई और धीरे-धीरे हम लोगों ने एक दूसरे को जानते हुए शादी करने का फैसला किया।












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