Motivational Story: VIP बेटी से आत्मनिर्भर ब्यूटीशियन, बिहार के पूर्व CM की बेटी की प्रेरणादायक कहानी
Motivational Story: जब एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी अपने पिता की राजनीतिक विरासत से अलग हटकर खुद का रास्ता चुनती है, तो यह कहानी आम नहीं रह जाती। बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की बेटी प्रमिला मांझी की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है, उन्होंने पॉलिटिक्स की बजाय ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट बनने का रास्ता चुना और रांची की गलियों में सादगी के साथ सशक्त बदलाव की कहानी लिख दी।
जहां अमूमन वीआईपी परिवारों की बेटियां लाइमलाइट में रहना पसंद करती हैं, वहीं प्रमिला पिछले 17 सालों से चुपचाप मेहनत कर रहीं हैं। आज उनका ब्यूटी पार्लर सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि सैकड़ों महिलाओं के आत्मविश्वास और मुस्कान की वजह है। प्रमिला मांझी ने कहा कि पिता की पहचान नहीं, मेरा हुनर मेरी पहचान है।

साधारण शुरुआत, असाधराण सफलता
राजनीति के केंद्र में जन्म लेने के बावजूद प्रमिला ने कभी अपने पिता के नाम का सहारा नहीं लिया। शादी के बाद रांची आईं और वहां एक साधारण ब्यूटीशियन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। लेकिन इस साधारण शुरुआत को उन्होंने असाधारण सफलता में बदल दिया। प्रमिला खुद अपने पार्लर में ग्राहकों को सेवा देती हैं, चाहे वो आम महिला हों या शादी के दिन की खास दुल्हन। वो कहती हैं, "जब कोई मेरे हाथों से सजकर मुस्कुराता है, वही मेरी सबसे बड़ी जीत होती है।"
राजनीति से दूरी, लेकिन परिवार के लिए समर्पण
प्रमिला मांझी बिहार की राजनीति से खुद को दूर रखती हैं, लेकिन जब बात अपने पिता के समर्थन की आती है, तो वो पीछे नहीं हटतीं। "मैं पिता का प्रचार जरूर करूंगी, लेकिन राजनीति की बात नहीं करूंगी। अब मैं झारखंड की बहू हूं, तो झारखंड की बात करूंगी।"
पति का समर्थन, लेकिन खुद की पहचान
प्रमिला मांझी के पति रवि कुमार ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरी पत्नी ने बिना किसी राजनीतिक बैकग्राउंड का सहारा लिए अपनी पहचान बनाई है। वो जो भी हैं, अपनी मेहनत और ईमानदारी से हैं। प्रमिला मांझी आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने ये साबित किया है कि काम छोटा नहीं होता, और इज्जत विरासत से नहीं, कर्म से मिलती है।












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