बिहार का मां-बेटा गैंग, मां ने सुपारी लेकर साइको किलर बेटे से कराए 18 खून

पटना। बिहार पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जिसकी पिछले कई वर्षों से तलाश थी। गिरफ्तार हुआ मोस्ट वांटेड साइको किलर अब तक 18 हत्या कर चुका है। सबसे खास बात यह है कि जिस गैंग में वह काम करता है उस गैंग का नाम मां-बेटा गैंग है। मां सुपारी लेती थी और बेटा लोगों का खून बहाता था। मां, बेटा के साथ-साथ और भी कई लोग इस गैंग में शामिल हैं जिनकी तलाश की जा रही है।

साइको किलर है अविनाश श्रीवास्तव

साइको किलर है अविनाश श्रीवास्तव

मिली जानकारी के अनुसार, मां बेटा गैंग के मोस्ट वांटेड साइको सीरियल किलर अविनाश श्रीवास्‍तव को गुप्त सूचना के आधार पर हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र के दाउद नगर से गिरफ्तार किया गया। पटना एसटीएफ और वैशाली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह इस जगह पर छुपा हुआ है। इसके बाद छापेमारी की गई और अविनाश के साथ-साथ सतीश राय को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान मां-बेटा गैंग का पर्दाफाश हुआ और उसकी मां कंचन देवी को भी गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की गिरफ्त में फिर आया

पुलिस की गिरफ्त में फिर आया

पुलिस को अविनाश की तलाश पिछले सप्ताह सेवानिवृत शिक्षक सहदेव राय की हत्या सहित कई अन्‍य मामलों में थी। पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारी को अविनाश ने बताया कि उसने ही सहदेव राय पर गोली चलाई थी। वारदात के दौरान उसके साथ साथी सतीश कुमार भी था। उसने बताया कि सहदेव का उसके दोस्‍त धर्मेंद कुमार से झगड़ा था। उसने दोस्ती की खातिर सहदेव की हत्‍या कर दी।

2016 में कस्टडी से हुआ था फरार

2016 में कस्टडी से हुआ था फरार

आपको बताते चलें कि अविनाश की तलाश बिहार पुलिस को पिछले 1 साल से थी। आज से 1 साल पहले 25 जुलाई को एक बैंक का शटर काटते हुए उसे गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन वह पुलिस को चकमा देते हुए कस्टडी से भाग गया। अब तक उसने 18 लोगों की हत्या का दावा किया है। और तो और सबसे खास बात यह कि पूछताछ के दौरान उसने बताया कि फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर उसकी ही जिंदगी पर आधारित फिल्म है। अपने गैंग के बारे में खुलासा करते हुए अविनाश ने बताया कि उसकी मां कंचनदेवी सुपारी लेती थी और वह अपने गुर्गों के साथ घटना को अंजाम देता था।

मां करती थी मौत की डीलिंग

मां करती थी मौत की डीलिंग

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कंचनदेवी सुपारी लेकर अविनाश की गैरहाजिरी में मामला डील करती थी और अपने बेटे को मोबाइल पर सुपारी लेने की जानकारी देती थी। जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ लोगों का हत्या कर देता था। अविनाश के पिता की हत्या पप्पू खां गैंग ने किया था जिसके बाद बदला लेने के लिए अविनाश ने दिनदहाड़े वर्ष 2003 में मोइन खां के सीने में 32 गोली मारी थी। जिसके बाद से वह लगातार लोगों का सुपारी लेते हुए उसकी हत्या करते चला गया और पुलिस उसकी गिरफ्तारी में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अविनाश ने फिर से 6 लोगों की हत्या की सुपारी ली है और हाजीपुर के बिदुपुर में छुपा हुआ है। सुपारी लेने वाले लोगों में तीन हाजीपुर के और तीन पटना के थे। जिसके बाद पुलिस ने उस पर नजर रखना शुरु किया और वह गिरफ्तार हो गया।

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