दुलारचंद यादव हत्याकांड में ट्विस्ट! अनंत सिंह के 'वो दो भतीजे' कौन, जिनकी FIR में एंट्री से मचा बवाल?
Mokama Dularchand Yadav Murder: बिहार के मोकामा में RJD नेता दुलारचंद यादव (76) की गोली मारकर हत्या के बाद तनाव चरम पर है। यह घटना गुरुवार (30 अक्टूबर) दोपहर जन सुराज कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के काफिले पर हमले के दौरान हुई। दुलारचंद के पोते के बयान पर पूर्व विधायक अनंत सिंह, उनके दो भतीजे रणवीर व कर्मवीर, छोटन सिंह, कंजय सिंह समेत कई अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
हत्याकांड के विरोध में पंडारक की सभी दुकानें बंद रहीं और अंतिम यात्रा में ईंट-पत्थर और गोलियां चलने का आरोप लगा, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। इस मामले में राजवीर (या रणवीर) और कर्मवीर का नाम आने से राजनीतिक विवाद गहरा गया है, क्योंकि ये नाम बाहुबली अनंत सिंह के परिवार से जुड़े हैं।

कौन हैं कर्मवीर और रणवीर ?
दुलारचंद हत्याकांड की प्राथमिकी (FIR) में अनंत सिंह के दो भतीजों, रणवीर और कर्मवीर का नाम प्रमुखता से आया है। हालाँकि, कुछ रिपोर्टों में रणवीर की जगह राजवीर नाम का उल्लेख है, जो अनंत सिंह के करीबी रिश्तेदार हैं। ये दोनों नाम मोकामा क्षेत्र के बाहुबली नेता अनंत सिंह के परिवार से जुड़े हैं। अनंत सिंह स्वयं कई आपराधिक मामलों के कारण चर्चा में रहे हैं। FIR में नाम आने के बाद इन दोनों पर भी पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इनकी पहचान मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह के वफादार और समर्थक के तौर पर है, जिनका नाम इस हिंसक घटना में आने से क्षेत्र में राजनीतिक रंजिश और बढ़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
गुरुवार (30 अक्टूबर) दोपहर RJD नेता दुलारचंद यादव मोकामा में जन सुराज कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार काफिले में शामिल थे। काफिला बसावन चक के पास था, तभी आरोप है कि दूसरे पार्टी के समर्थकों ने हमला कर दिया। इस दौरान दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस दौरान पीयूष प्रियदर्शी की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। दुलारचंद के पोते के बयान पर भदौर थाने में अनंत सिंह, उनके भतीजे रणवीर व कर्मवीर समेत अन्य पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद अनंत सिंह ने अपना चुनाव प्रचार रोक दिया है, जिससे यह मामला क्षेत्र की राजनीतिक दुश्मनी का परिणाम माना जा रहा है।
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शव यात्रा में पत्थर और लाठी डंडे
दुलारचंद यादव की हत्या के बाद पंडारक में तनाव और गुस्सा साफ दिखा। रातभर शव घर पर पड़ा रहा, और सुबह 11 बजे अंतिम यात्रा निकाली गई जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान पंडारक में सभी दुकानें बंद रहीं। अंतिम यात्रा के दौरान दुलारचंद समर्थकों और अनंत सिंह समर्थकों के बीच पत्थरबाजी हुई और गोलियां चलने का भी आरोप है। पूर्व बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा सिंह भी शव पोस्टमॉर्टम के लिए ट्रैक्टर में सवार होकर निकलीं, इस दौरान भीड़ ने 'अनंत सिंह को फांसी दो' के नारे लगाए।
दुलारचंद का भी था आपराधिक इतिहास
मोकामा में गोली मारकर हत्या किए गए दुलारचंद यादव (76) भी स्थानीय राजनीति और आपराधिक रिकॉर्ड के चलते जाने जाते थे। उनका नाम कई आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है और वह मोकामा में एक समय सूरजभान सिंह और अनंत सिंह जैसे बाहुबली नेताओं के प्रतिद्वंद्वी गुट से जुड़े रहे थे। हालाँकि, हाल के दिनों में वह राजनीति में सक्रिय थे और RJD के नेता के तौर पर जन सुराज कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन कर रहे थे। उनकी हत्या को मोकामा क्षेत्र में पुरानी आपराधिक रंजिश और मौजूदा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बढ़ते टकराव के रूप में देखा जा रहा है।
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