Surendra Yadav Hijdon ki Fauj बयान पर बुरे फंसे, BJP बोली- एंटी नेशनल मंत्री को हटा सेना की साख बचाएं CM नीतीश
बिहार सरकार में मंत्री सुरेंद्र यादव ने कहा, आने वाले दिनों में देश 'हिजड़ों की फौज' में बदल जाएगा। उन्होंने अग्निवीर और भारतीय सेना पर भी बयान दिया। उनके बयान पर भड़की बीजेपी ने इसे एंटी नेशनल बताया है। जानिए पूरा मामला

बिहार सरकार में मंत्री सुरेंद्र यादव ने कहा, आने वाले दिनों में देश हिजड़ों की फौज बन जाएगा। उन्होंने अग्निवीर और सेना की ट्रेनिंग पर भी बयान दिया। नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री सुरेंद्र यादव को बर्खास्त करने की मांग की जा रही है। BJP ने मंत्री सुरेंद्र को एंटीनेशनल बताते हुए कहा है कि सीएम नीतीश को सेना की साख पर सवाल खड़े करने वाले मंत्री को हटाना चाहिए।
क्या बोल गए 'सुशासन बाबू के बेलगाम मंत्री'?
बिहार के सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव ने अग्निवीर के संबंध में विवादित बयान दिया। उन्होंने कटिहार में कहा, आज से ठीक 8.5 साल बाद देश का नाम हिजड़ों की फौज में शामिल होगा। मंत्री सुरेंद्र ने कहा कि साढ़े आठ साल के बाद, वर्तमान सेना के जवान सेवानिवृत्त होंगे और इन अग्निवीरों का प्रशिक्षण पूरा नहीं होगा ... जिसने भी यह विचार दिया है उसे फांसी दी जानी चाहिए। क्योंकि वह इससे कम सजा का हकदार नहीं है।"
बयान शर्मनाक और आपत्तिजनक
दिलचस्प है कि बिहार के सियासी गलियारों में सीएम नीतीश कुमार को सुशासन बाबू भी कहा जाता है। उनकी सरकार में मंत्री सुरेंद्र के बयान पर भड़के बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, नीतीश कुमार के मंत्री ने सेना के बारे में शर्मनाक और आपत्तिजनक बयान दिया है। बिहार के सीएम को क्या लगता है कि इस टिप्पणी के बाद देश खामोश हो जाएगा? हमारी सेना के लिए आपत्तिजनक शब्द कहने वाले का नाम नहीं लेना चाहता।
सेना की साख बचाएं सीएम नीतीश
बिहार से ही निर्वाचित भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, मंत्री को अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। नीतीश कुमार को कम से कम सेना की साख तो बचानी चाहिए। बिहार के लोग राज्य में बदलाव चाहते हैं और वे हमारी पार्टी की ओर देख रहे हैं। बीजेपी 2025 में लोकसभा चुनाव और बिहार चुनाव दोनों जीतेगी।

कैबिनेट से बर्खास्त हों 'राष्ट्रविरोधी' मंत्री
रविशंकर प्रसाद से पहले गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सुरेंद्र को एंटी नेशनल बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को ऐसे राष्ट्रविरोधी नेता को अपनी कैबिनेट से बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री के रूप में सुरेंद्र यादव का बयान बेहद आपत्तिजनक है। हमारी सेना अपनी बहादुरी के लिए प्रसिद्ध है। एक मौजूदा मंत्री का ऐसा कहना खेदजनक और बेहद आपत्तिजनक है कि हमारी सेना गुलामों की ताकत (force of ennuchs) बन जाएगी।"
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सेना और जवानों का सीधा अपमान
बकौल नित्यानंद राय, "इस तरह की मूर्खतापूर्ण और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद भी सुरेंद्र यादव का मंत्री बने रहना नीतीश कुमार सरकार द्वारा हमारी सेना और जवानों का सीधा अपमान है।" उन्होंने कहा कि मंत्री सुरेंद्र के बयान से राजद और जदयू (सत्तारूढ़ सहयोगियों) का राष्ट्र-विरोधी चरित्र सामने आ गया है।
साढ़े चार साल में कैसी सेना बनेगी?
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, 23 फरवरी को नीतीश के बड़बोले मंत्री ने सवाल किया कि जब भारत की सेना दुनिया में सबसे मजबूत है तो अग्निवीर जैसा विचार क्यों लाया गया? उन्होंने पूछा कि महज साढ़े चार साल की ट्रेनिंग में किस तरह की सेना तैयार होगी?"
क्या रिटायर सैनिक से होंगी शादियां?
मंत्री ने आगे दावा किया कि कोई भी उनसे शादी नहीं करेगा जो 25-26 साल की उम्र में अग्निवीर के रूप में सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने कहा, जब वे (अग्निवीर) 25-26 साल के होंगे, तो लोग शादी के प्रस्ताव लेकर आएंगे। वे क्या कहेंगे? मैं एक सेवानिवृत्त सैनिक हूं? कौन उनसे शादी करेगा?"
सेना में भर्ती पर तकरार क्यों?
बता दें कि भारतीय सेना की तीनों विंग- थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्तियों के लिए सरकार ने अग्निवीर स्कीम का ऐलान किया है। इस स्कीम का काफी विरोध भी हुआ, लेकिन सरकार फैसले पर कायम रही। बाद में तीनों सेनाओं के अधिकारियों ने भी इस योजना के फायदे गिनाए। अब इसी स्कीम के माध्यम से भर्तियों की तैयारियां हो रही हैं। लाखों युवाओं ने फॉर्म भरे हैं और सरकार की नई भर्ती नियमावली के तहत परीक्षा और अन्य तैयारियां हो रही हैं। बता दें कि निश्चित सेवा अवधि के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी सरकार की तीखी आलोचना की, लेकिन फिलहाल इसी स्कीम के तहत सैन्य भर्तियां की जा रही हैं।
क्या है अग्निवीर स्कीम
बता दें कि पिछले साल 14 जून को घोषित अग्निपथ योजना के तहत साढ़े 17 साल से 21 साल आयुवर्ग के युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने का प्रस्ताव किया गया है। इनमें से 25 फीसदी को 15 साल तक सर्विस में बनाए रखने का प्रावधान है। 2022 में हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद सरकार ने ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष करने की घोषणा की थी।












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