पटना में गंगा नदी से बरामद हुए शव, जिलाधिकारी ने कहा- कर रहे हैं मामले की जांच
पटना। गंगा नदी में तैरते शवों का खौफ गुरुवार को पटना तक पहुंच गया। बिहार सरकार द्वारा बक्सर जिले में नदी से 71 शव निकाले जाने के दो दिन बाद, स्थानीय लोगों ने पटना में गुलाबी घाट के पास कई शवों को तैरते हुए देखा। "एक बच्चे के शव सहित कई शव गंगा नदी में तैरते हुए पाए गए हैं। पटना जिला मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए जांच कर रहे हैं कि हमारे जिले में नदी में शव न फेंके जाएं। गंगा नदी पर स्थित गुलाबी घाट का उपयोग पटना में दाह संस्कार के लिए किया जाता है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि उनका कार्यालय यह जांच कर रहा है कि बहकर आए शवों को पटना में नदी में फेंक दिया गया या कहीं और से आए हैं।
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मीडिया से बात करते हुए पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने लोगों से नदी में शवों का प्रवाह नहीं करने की अपील की है। जिलाधिकारी ने बताया कि बरामद किये गए शवों का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।मंगलवार को, बिहार सरकार ने बक्सर जिले में गंगा से 71 शव निकाले, जिससे संदेह पैदा हुआ कि छोड़ी गई लाशें कोविड -19 रोगियों की हो सकती हैं।
बिहार के बक्सर जिले में गंगा किनारे लाश मिलने पर नीतीश सरकार को पटना हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने गंगा नदी में पाए गए शवों के मामले पर नीतीश सरकार से गुरुवार तक जवाब देने को कहा है। बता दें कि पटना हाईकोर्ट में राज्य में कोरोना महामारी के मामले पर सुनवाई लगातार जारी है।
इसी सिलसिले में न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए बक्सर के पास गंगा नदी में पाए गए शवों के मामले में नीतीश सरकार को तलब किया है। वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि उसने एक 12 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी प्रदेश में कोविड मैनेजमेंट के लिए राज्य सरकार को खास राय और सलाह देगी।












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