Bihar News: DM Madhepura की जिस गाड़ी ने मचाया 'मौत का तांडव', फेल था इंश्योरेंस और PUCC
Madhepura Accident, Bihar News: बिहार के मधुबनी ज़िले में मंगलवार की सुबह मधेपुरा डीएम की गाड़ी से दर्दनाक हादसा हो गया। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और एक बुरी तरह से ज़ख्मी हो गए। फुलपरास (मधुबनी जिला) के पास सुबह करीब 7 बजे हादसा हुआ था।
मधेपुरा डीएम की गाड़ी से मौत के तांडव के बाद जब लोगों ने गाड़ी के दस्तावेज़ चेक किए तो, हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गाड़ी का नंबर BR43E0005 का रजिस्ट्रेशन मधेपुरा बिहार का है। गाड़ी की श्रेणी मोटर कार (LMV), डीज़ल है। इमिशन नॉर्म भारत स्टेज IV है। गाड़ी 4 साल 9 महीने पुरानी है।

गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 30 जनवरी 2019 को हुआ था, फिटनेस 29 जनवरी 2034 तक वैलिड है। वहीं टैक्स लाइफटाइम पेड है। वहीं इंश्योरेंस 23 दिसंबर 2019 तक ही वैलिड था। इसके अलावा पाल्यूशन 24 सितंबर 2021 तक ही वैलिड था। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि, जिस दस्तावेज़ के फेल होने से आम इंसान का चालान हो जाता है, डीएम की गाड़ी के दस्तावेज़ फ़ेल होने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मधेपुरा प्रशासन ने गाड़ी के दस्तावेज़ को दुरुस्त करवाना ठीक नहीं समझा, क्योंकि डीएम की गाड़ी है, इसे कौन चेक करेगा, किसकी हिम्मत है कि चालान कट जाए। डीएम की गाड़ी का दस्तावेज़ फ़ेल पाये जाने पर आम लोगों की भी तरह-तरह की प्रतिक्रिया आ रही है।
आम लोगों का कहना है कि जब एक जिला अधिकारी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो आम लोगों को क्यों बाध्य किया जाता है। आम लोगों से तुंरत चालान वसूल लिया जाता है,नहीं तो गाड़ी सीज़ कर ली जाती है। इतने सालों से डीएम की गाड़ी फ़ेल दस्तावेज के साथ रोड पर दौर रही है तो उसे सीज़ क्यों नहीं किया गया। इसे ही कहते हैं चिराग तले अंधेरा।
बिहार में जंगलराज कायम है, इसका ताज़ा उदाहण मधेपुरा डीएम की गाड़ी है, जो कि मौत का तांडव मचा रही है। दस्तावेज़ फ़ेल है लेकि कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है। आपको बता दें कि फुलपरास (मधुबनी) NH-57 में हुए हादसे में दो स्थानीय और दो NHAI कर्मी की मौत हो गई।












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