बिहार में दूसरे चरण में हुआ बड़ा खेल! JDU MLA ने बढ़ाई नीतीश की टेंशन, मुस्लिम नेता ने बिगाड़ा तेजस्वी का समीकरण?
देश में चारों तरफ लोकसभा चुनाव का माहौल है। पूरे देश में सात चरणों में मतदान होने हैं जिसमें अभी तक दो चरणों का मतदान हो चुका है। ऐसे में इन दोनों चरणों के मतदान में बिहार में वोटिंग प्रतिशत काफी कम देखने को मिला।
यह ना सिर्फ चुनाव आयोग के लिए चिंता का विषय है बल्कि राजनीतिक पार्टियां भी इसकी ठोस वजह नहीं तलाश पा रही हैं। ऐसे में अब चुनाव आयोग की तरफ से जो दूसरे चरण के मतदान को लेकर आंकड़ा जारी किया गया है उसमें कुछ ऐसे तथ्य हैं जो आपको चौंका सकते हैं।
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दरअसल, दूसरे चरण में बिहार के पांच लोकसभा सीटों पर चुनाव हुए जिसमें मुख्य रूप से सीमांचल का इलाका शामिल था। बिहार में हुए दूसरे चरण के मतदान में पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, बांका और कटिहार लोकसभा सीट शामिल थे। दूसरे चरण की वोटिंग के बाद आयोग की तरफ से जो आंकड़ा जारी किया गया है और उन आंकड़ों में जिन मतदान केंद्रों पर वोट का बहिष्कार किए जाने की जानकारी मिली है उसे परखने पर एक रोचक जानकारी निकलकर सामने आती है।
बिहार में दूसरे चरण के मतदान के दौरान जिन पोलिंग बूथ पर जनता ने वोटिंग का बहिष्कार किया है उनमें भागलपुर और किशनगंज के कुछ बूथों शामिल हैं। जिन सीटों पर वोट का बहिष्कार हुआ है उसके विधायक भागलपुर में गोपाल मंडल है और दूसरी तरफ किशनगंज की बात की जाए तो उसके विधायक अख्तरूल इमाम हैं। इस लोकसभा चुनाव में अख्तरूल इमाम एआईएमआईएम की टिकट पर चुनाव मैदान में भी हैं।
संसद की टिकट पॉकेट में होने की करते थे बात
भागलपुर के गोपालपुर विधानसभा के कई बूथों पर मतदान के बहिष्कार की जानकारी आयोग की तरफ से दी गई है। देखने वाली बात यह है जिन पोलिंग बूथ पर वोट का बहिष्कार किया गया है वह सभी बूथ जेडीयू के विधायक गोपाल मंडल के इलाके में आता है। गोपाल मंडल जेडीयू के वही विधायक हैं जो कभी कहा करते थे कि वह संसद का टिकट पॉकेट में रखकर चलते हैं।
ऐसे में जब लोकसभा चुनाव के लिए कैंडीडेट के ऐलान में उनका नाम नहीं आया और उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि किसी ने मेरा कुर्ता ही चोरी कर लिया जिसमें मैंने टिकट रखा था। हालांकि जब मतदान के लिए प्रचार प्रसार का समय आया तो गोपाल मंडल ने पार्टी फॉर्म में किसी बात को लेकर शिकायत भी की थी। जिसके बाद अब मतदान के दिन जो रिपोर्ट आयोग के तरफ से आई है उसके अनुसार उनके इलाकों में कई पोलिंग बूथ पर मतदान का बहिष्कार किया गया है जिसका नुकसान कहीं ना कहीं इस क्षेत्र के सिटिंग सांसद को उठाना पड़ सकता है।
अख्तरुल ईमान ने काटा आरजेडी का वोट
उधर बात करें यदि किशनगंज लोकसभा सीट की तो इसलिए लोकसभा सीट के अमौर विधानसभा सीट से विधायक अख्तरुल ईमान असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से लोकसभा का इसी सीट चुनाव भी लड़ रहे हैं। लेकिन रोचक तथ्य है कि इन्हें अन्य पोलिंग बूथ पर तो अलग उनके खुद के पोलिंग बूथ पर मत मिला है या नहीं यह कहा जाना काफी मुश्किल माना जा रहा है। क्योंकि उनके खुद के पोलिंग बूथ पर काफी संख्या में मतदाता ने वोट का बहिष्कार किया है।
ऐसे में यह वोट अख्तर इमाम का था या फिर कांग्रेस और जदयू कैंडिडेट का यह कहा जाना फिलहाल तो जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना तय है कि यदि यहां वोट नहीं पड़ा है तो कहीं ना कहीं लोग अख्तर इमाम के कामकाज से भी नाराज हो सकते हैं या फिर यहां के सेटिंग सांसद कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को लेकर भी नाराजगी हो सकती है।
ऐसे में अब यहां वोट नहीं पादना एनडीए के लिए कोई बड़ा नुकसान तो नहीं है लेकिन बाकी के दो उम्मीदवारों के लिए यह चिंता की सबब है और न सिर्फ वोट बहिष्कार करना आयोग की समस्या है बल्कि यहां से चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों के लिए भी बड़ा सवाल बन रहा है।
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