Land For Job मामले में तेजस्वी यादव हुए ED के सामने पेश, विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला

ED Interrogation with Tejaswi Yadav: बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मुश्किले थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। मंगलवार को तेजस्वी ED के सामन पेश हुए। आइए विस्तार से पूरा मामला जानते हैं।

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Land For Job मामले में आज बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। इससे पहले 25 मार्च को CBI ने तेजस्वी यादव से 25 मार्च को पूछताछ की थी। वहीं उनकी बहन मीसा भारती (राज्यसभा सांसद) से भी उसी दिन ईडी ने पूछताछ की थी।

ईडी के मुताबिक खुफिया जानकारी के आधार पर मुंबई,दिल्ली,पटना और रांची में छापेमारी के दौरान 1 करोड़ रुपये कैश (बेहिसाब नकदी), 1 हज़ार 900 अमेरिकी डॉलर, 540 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम सोने के ज़ेवर और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे।

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    ईडी ने के मुताबिक लगभग 600 करोड़ की जानकारी मिल पाई, जिसमें 350 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और 250 करोड़ रुपये पीओसी की आय थी। जो विभिन्न बेनामीदारों के ज़रिए की गई थी। पीएमएलए की जांच से जानकारी मिली है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के एवज में पटना और दूसरे जगहों पर लालू प्रसाद के परिवार ने कई जमीनों पर अवैध अधिग्रहण किया था।

    इन ज़मीनों की मौजूदा वक्त में बाज़ार की कीमत 200 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है। मिली जानकारी के मुताबिक जमीनों के लिए कई बेनामीदारों, शेल संस्था और अन्य मालिकों की पहचान की गई है। ईडी का दावा है कि D-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (दिल्ली) एक संपत्ति (4 मंजिला बंगला, ए.बी. एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) का मालिकाना हक तेजस्वी यादव का है। इस कंपनी को सिर्फ 4 लाख रुपये में अधिग्रहित दिखाया गया था। मौजूदा वक्त में इस प्रॉपर्टी की कीमत 150 करोड़ रुपये है।

    अधिकारी की मानें तो इस प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए काफी तादाद में नकदी/अपराध की इनकम का इस्तेमाल हुआ था। मुंबई में रत्न और जेवर से जुड़ी काम करने वाली कुछ संस्थाओं के अवैध इनकम को इसमें खपाया गया था। ग़ौरतलब है कि प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ पर ए.बी. एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को दफ्तर के तौर पर दिखाया गया है। इस प्रॉपर्टी को खास तौर से तेजस्वी यादव आवासीय परिसर के तौर पर कर रहे हैं। तेजस्वी प्रसाद सर्च के दौरान भी इसी जगह पर मिले थे। ईडी का आरोप है कि तेजस्वी इस घर को आवासीय संपत्ति के तौर पर उपयोग करते थे।

    ईडी की जांच में पता चला कि लालू प्रसाद यादव के परिवार ने गरीब ग्रुप-डी आवेदकों से सिर्फ 7.5 लाख रुपये में ज़मीन अधिग्रहित की। राबड़ी देवी ने राजद के पूर्व विधायक सैयद अबू दोजाना को 3.5 करोड़ रुपये में बेच दी। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि इस तरह से कमाये रकम को बड़ा हिस्सा तेजस्वी यादव के खाते में ट्रांसफर किया गया।

    ईडी की जांच में यह बात भी सामने आई है कि रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले कई गरीब परिवार से ज़मीन अधिग्रहित की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि लालू प्रसाद यादव परिवार के विधानसभा क्षेत्रों से ही ज्यादातर उम्मीदवार विभिन्न रेलवे जोन में भर्ती किए गए थे। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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