क्या लालू-राबड़ी की जान खतरे में है? बेटी रोहिणी के आरोपों से मचा सियासी तूफान, BJP नेता ने किया बड़ा दावा
Lalu Yadav Rabri Devi: बिहार के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार में पिछले दो दिनों से तूफान मचा हुआ है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को किडनी डोनेट देने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने लगातार दूसरे दिन सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा किया है। जो विवाद शनिवार (15 नवंबर) को उनके "परिवार से नाता तोड़ने" और "राजनीति छोड़ने" के ऐलान के साथ शुरू हुआ था, वह रविवार (16 नवंबर) को और गहरा हो गया। रोहिणी ने कई गंभीर आरोप लगाए, जिनसे यादव परिवार की अंदरूनी कलह एक बार फिर सुर्खियों में है।
इस बीच भाजपा के प्रवक्ता अजय आलोक ने भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि कहीं लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा खतरे में तो नहीं है? आलोक ने रोहिणी को FIR दर्ज कराने की सलाह भी दी और लालू परिवार के अन्य सदस्यों तेज प्रताप और मीसा की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।

बीजेपी नेता का दावा: "क्या लालू-राबड़ी को कैद कर लिया गया है?"
अजय आलोक ने एक्स पर लिखा, "क्या लालू जी और राबड़ी देवी को कैद कर लिया गया हैं? जान पे खतरा है? रोहिणी जी को तो FIR करवानी चाहिए, तेज प्रताप भी साथ रहें, मीसा क्यों चुप हैं?"
उनकी इस टिप्पणी ने पूरे मामले को राजनीतिक मोड़ दे दिया है। जाहिर है कि कुछ समय पहले लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को घर और पार्टी से बाहर कर दिया था। अब रोहिणी का दावा है कि उनके साथ न सिर्फ बदसलूकी हुई बल्कि मारपीट करने की भी कोशिश की गई।
रोहिणी के गंभीर आरोप-"मेरे पिता को गंदी किडनी कहा गया"
रोहिणी आचार्य ने रविवार (16 नवंबर) को कई पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के कुछ करीबी सहयोगी उनके बारे में बेहद अपमानजनक बातें कह रहे हैं। किसी ने उन्हें "गंदी किडनी देने वाली" तक कह दिया और आरोप लगाया कि उन्होंने इसके बदले करोड़ों रुपये और पार्टी टिकट लिया।
भावुक रोहिणी ने लिखा कि किसी भी परिवार में "रोहिणी जैसी बेटी" पैदा न हो, जो अपने पिता के लिए सबकुछ कुर्बान कर दे और बदले में अपमान झेले। उन्होंने कहा कि उनके पिता की जिंदगी बचाने के लिए उन्होंने अपने पति और ससुराल से अनुमति लिए बिना किडनी दी, लेकिन आज उन्हें इसी पर ताना मारा जा रहा है।
परिवार से दूरी और राजनीति छोड़ने का ऐलान
एमबीबीएस डॉक्टर रहीं रोहिणी ने शनिवार (15 नवंबर) को कहा था कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से दूरी बना रही हैं। हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद उन्होंने तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों हरियाणा के सांसद संजय यादव और यूपी से जुड़े रमीज को नतीजों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। रोहिणी का कहना है कि ये दोनों खुद को बड़ा रणनीतिकार समझते हैं, लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं की बात सुनना इनके स्वभाव में नहीं है।
रोहिणी ने शादीशुदा महिलाओं को संबोधित करते हुए लिखा कि अगर कभी उनके मायके में भाई-बेटा हो, तो वे अपने पिता को बचाने के लिए खुद किडनी देने की गलती न करें। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा, ''उन्हें कहें कि बेटा या उसका कोई हरियाणवी दोस्त किडनी लगवा दे।''
"मुझ पर चप्पल उठाई गई, मुझे अनाथ बना दिया गया"
रोहिणी ने दावा किया कि शनिवार को उनके साथ बदसलूकी की गई, उन्हें अपमानित किया गया और यहां तक कि उन्हें मारने के लिए चप्पल उठाई गई। उन्होंने कहा कि वह अपने रोते हुए माता-पिता और बहनों को छोड़ आईं और आज खुद को "अनाथ" महसूस कर रही हैं।
बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव का परिवार हमेशा सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार मामला बेहद संवेदनशील और पारिवारिक है। रोहिणी के आरोप, तेजस्वी के सहयोगियों पर निशाना और भाजपा नेता का सुरक्षा को लेकर दावा इन सबने मिलकर सियासी माहौल और भी गर्म कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि राजद और लालू परिवार इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।












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