मुस्लिमों को आरक्षण तो मिलना ही चाहिए... लालू यादव ने अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए खेला बड़ा दाव
बिहार में तीसरे चरण का चुनाव चल रहा है। इस बीच आरजेडी नेता लालू यादव ने मुस्लिम आरक्षण का समर्थन किया है। उन्होंने पटना में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुसलमानों को तो आरक्षण मिलना ही चाहिए।
लालू यादव ने बिहार में लालू-राबड़ी राज में जंगलराज के आरोपों पर भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा- वोटर हमारी तरफ हैं, वो डर गए हैं इसलिए जंगलराज का नाम लेकर जनता को भड़का रहे हैं। लालू प्रसाद ने कहा वो संविधान को खत्म करना चाहते हैं, लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं।

बता दें कि लालू यादव मंगलवार को विधान परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए मुसलमानों के लिए आरक्षण को सही ठहराया। उनसे पत्रकारों ने सवाला पूछा कि पीएम मोदी और भाजपा आरोप लगा रहे हैं कि इंडिया की सरकार बनी तो ओबीसी का आरक्षण लेकर मुसलमानों को दे दिया जाएगा। इस पर लालू ने मुसलमानों के आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि मुसलमनों को भी आरक्षण मिलना चाहिए।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बयान को लेकर बीजेपी हमलावर हो गई है। बीजेपी नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनके बयान का हमलोग विरोध करते हैं। गरीब, पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलित व सवर्ण के गरीबों का आरक्षण बीजेपी एनडीए कभी खत्म नहीं होने देगी। लालू यादव कितना भी प्रयास करें, मुसलमानों को विशेष आरक्षण कभी नहीं मिलेगा।
वहीं राज्यसभा सांसद और बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी लालू यादव के इस बयान पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और प्रधानमंत्री जिन आशंकाओं को व्यक्त कर रहे थे वह अब पूरी तरह सही साबित होता दिख रहा है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुस्लिम आरक्षण का जिन्न इंडी गठबंधन के चिराग से बाहर निकलकर...दक्षिण से लेकर अब गंगा के मैदान तक पहुंचकर पूरे विकराल रूप में भारत के आकाश पर दिख रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि लालू जी ने जो बयान दिया है उसमें गौर करने लायक बात ये है कि उन्होंने कहा है 'हां, पूरा का पूरा यदि पूरा' पूरे मुस्लिम समाज को आरक्षण मिलना चाहिए।
आपको बता दें कि पीएम मोदी लगातार इंडी गठबंधन के नेताओं पर आरोप लगा रहे हैं कि वो पिछड़ा, ओबीसी के आरक्षण को छीनकर मुसलमानों को देना चाहते हैं, जबकि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने साफ कहा था कि वह पिछड़ों, वंचितों और आदिवासियों का आरक्षण मुसलमानों को नहीं जाने देंगे।
उन्होंने कहा कि जब तेलंगाना की 26 जातियां ओबीसी स्टेटस की मांग कर रही हैं, कांग्रेस ने इनकी मांग पर गौर नहीं किया और रातोरात मुस्लिमों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल कर दिया।
पीएम मोदी ने तल्ख अंदाज में कहा- कांग्रेस वाले सुन लें, उनके चट्ट-बट्टे सुन लें, उनकी पूरी जमात सुन ले कि जब तक मोदी जिंदा है, दलितों का, एससी-एसटी और ओबीसी का आरक्षण धर्म के आधार पर मुसलमानों को नहीं देने दूंगा।












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