लालू को बड़ी राहत, हाजीपुर सिविल कोर्ट ने गवाहों और सबूतों के आधार पर बरी किया, जानिए मामला

बिहार के पूर्व CM लालू प्रसाद यादव को सिविल कोर्ट हाजीपुर से राहत मिली है। lalu yadav acquitted hajipur civil court bihar

पटना, 24 अगस्त : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी ने राजद के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाजीपुर सिविल कोर्ट ने लालू को गवाहों और सबूतों के आधार पर बरी कर दिया है।

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    Lalu Yadav को बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन मामले में कोर्ट ने किया बरी | वनइंडिया हिंदी *News
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    लालू पर एफआईआर किसने कराई ?

    राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जाति आधारित टिप्पणी करने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। गौरतलब है कि जागरण डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक लालू के खिलाफ गंगाब्रिज थाने में राघोपुर के सर्किल ऑफिसर निरंजन कुमार ने 29 सितंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। लालू पर 27 सितंबर 2015 की चुनावी रैली में जातीय शब्दों के इस्तेमाल से उन्माद फैलाने की कोशिश का आरोप लगा था।

    महिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट से मिली राहत

    हाजीपुर में आचार संहिता उल्लंघन मामले में लालू के वकील श्याम बाबू राय ने अदालत में रहा कि लालू जातीय टिप्पणी मामले में निर्दोष हैं। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम) स्मिता राज की अदालत ने सबूतों और गवाहों के अभाव में लालू को बरी किया, जिससे राजद सुप्रीमो को बड़ी राहत मिली।

    लालू के हाजीपुर केस से जुड़े मुख्य बिंदु

    • 27 सितंबर 2015 को चुनावी जनसभा में जातीय शब्दों के इस्तेमाल का आरोप।
    • दो दिन बाद, 29 सितंबर को FIR।
    • 4 अक्टूबर 2015 को चार्जशीट दायर हुई।
    • 11 फरवरी को अदालत ने लालू के बयान का संज्ञान लिया।
    • 18 अप्रैल 2022 को लालू रिमांड पर लिए गए। पुलिस ने कोर्ट में लालू की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई।
    • लालू ने 23 अप्रैल को जमानत की अर्जी लगाई। 10 हजार के मुचलके पर मिली बेल।
    • 27 अप्रैल को लालू के खिलाफ आरोप गठित हुए।
    • 24 अगस्त, 2022 को अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया।

    कोर्ट परिसर में RJD समर्थक, लालू-राबड़ी जिंदाबाद !

    सात साल पुराने मामले में बाइज्जत बरी किए गए लालू प्रसाद यादव पर विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा था। जागरण डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को वैशाली जिले की हाजीपुर सिविल कोर्ट में लालू भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच पेश हुए। अदालत ने सबूतों के अभाव में लालू को बरी करने का फैसला सुनाया। कोर्ट परिसर में लालू और राजद के समर्थक बड़ी संख्या में लालू-राबड़ी जिंदाबाद के नारे लगाते सुने गए। मीडिया के सामने लालू ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

    RJD सरकार में शामिल, क्या इसलिए बहुरे लालू के दिन !

    पत्रिका डॉटकॉम की रिपोर्ट में लालू को अदालत से मिली राहत की टाइमिंग का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में लिखा गया कि बुधवार 24 अगस्त को एक तरफ बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हो रहा था तो राजधानी पटना से महज 12 किलोमीटर दूर हाजीपुर की निचली अदालत से लालू प्रसाद यादव को सात साल पुराने मामले में बड़ी राहत मिली। रिपोर्ट में लालू के दोनों बेटे- डिप्टी सीएम तेजस्वी और तेज प्रताप के सरकार में शामिल होने का भी जिक्र है।

    लालू पर 11 साल पहले झारखंड में भी लगे आरोप

    बता दें कि साल 2009 में भी चुनावी रैली के दौरान लालू यादव पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा था। झारखंड विधानसभा चुनाव-2009 के दौरान गढ़वा विधानसभा के राजद प्रत्याशी गिरिनाथ सिंह के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे लालू प्रसाद यादव हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे। योजना के मुताबिक लालू को गढ़वा प्रखंड के कल्याणपुर में हेलीपैड पर उतरना था, लेकिन निर्धारित हेलीपैड की बजाय लालू का हेलिकॉप्टर गोविंद हाई स्कूल की फील्ड में बने सभा स्थल के पास उतारा गया। रैली में मौजूद जनता के बीच अफरा-तफरी मच गई थी। प्रशासन की अनुमति के बगैर हेलीकॉप्टर उतारने के मामले में भी लालू यादव पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा था। हालांकि, अदालत ने 6000 के जुर्माने के साथ लालू को बरी कर दिया था।

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