Kaimoor News: एक बार फिर ख़ाकी पर लगा ‘भ्रष्टाचार का दाग़’, निगरानी विभाग की टीम ने 2 SI को रंगे हाथों पकड़ा
Kaimoor Bihar News: बिहार में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं, ताज़ा मामला कैमूर जिला के भगवानपुर थाना का है, जहां निगरानी विभाग की टीम ने बुधवार को रिश्वत लेते हुए दो पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (SI) को गिरफ्तार किया। ये दोनों एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से बचाने के लिए उसकी पत्नी से 40,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार: पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने भगवानपुर थाने में तैनात लक्की आनंद और राशिद कमाल (सब-इंस्पेक्टर) को 40 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। निगरानी टीम के अधिकारीयों ने गिरफ्तारी के बाद इसकी सूचना कैमूर के पुलिस अधीक्षक (SP) हरिमोहन शुक्ला को दी।

क्या था मामला? एसपी भगवानपुर थाना पहुंचे, जिसके बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की गई और निगरानी टीम दोनों सब-इंस्पेक्टरों को अपने साथ ले गई। निगरानी टीम का नेतृत्व कर रहे समीरचंद्र झा ने बताया कि पतरिहा गांव के अमित कुमार ने 24 मई को भगवानपुर थाने में एक मामला दर्ज कराया था।
इस मामले में भगवानपुर स्थित प्रताप ऑटो एजेंसी के संचालक प्रिंस कुमार सिंह और सूरज कुमार सिंह को नामजद किया गया था। अमित कुमार के अनुसार, दोनों आरोपियों ने बाइक का पैसा चुकता करने के बाद भी उन्हें 'नो ड्यूज' नहीं दिया, उन्हें गुमराह किया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके अपमानित किया।
इसी मामले में आरोपियों को गिरफ्तार न करने और उनके घर पर दबिश न देने के बदले, थाने के दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) ने प्रिंस की पत्नी चांदनी सिंह से 40,000 रुपये की मांग की थी। चांदनी सिंह ने दारोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत निगरानी विभाग से की थी। शिकायत की पुष्टि मंगलवार को की गई, जिसके बाद एक टीम बनाई गई।
बुधवार सुबह, प्रिंस के भाई हिमांशु कुमार सिंह के हाथों से रिश्वत के 40,000 रुपये लेते हुए निगरानी टीम ने दारोगा लक्की आनंद और राशिद कमाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस घटना ने बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। लेकिन निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से आम लोगों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में विश्वास बढ़ेगा।












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