'तो गिर जाती नीतीश कुमार की सरकार...', जीतन राम मांझी ने अब बताई फ्लोर टेस्ट के 'अंदर की बात'
Bihar politics: बिहार में महागठबंधन से नाता तोड़कर नीतीश कुमार भले ही एनडीए के पाले में आ गए हों, लेकिन उनसे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी की तकरार कम नहीं हुई है।
शुक्रवार को जीतन राम मांझी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा और साथ ही बताया कि फ्लोर टेस्ट में अगर उनके चार विधायक ना होते तो क्या होता?

एक कार्यक्रम में पहुंचे जीतन राम मांझी ने कहा, 'बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दिन सरकार को बचाने के लिए 122 वोटों की जरूरत थी और नीतीश कुमार के पक्ष में 125 वोट गए। इसमें हमारा योगदान 4 वोटों का था, अगर उन चार वोटों को हटा दिया जाए, तो उन्हें केवल 121 वोट मिलते। अगर हम साथ नहीं देते तो नीतीश कुमार की सरकार गिर जाती।'
'मैंने उनके एहसान का बदला चुका दिया'
जीतन राम मांझी ने आगे कहा, 'नीतीश कुमार ने एक बार मुझे मुख्यमंत्री बनाया था। तो अब, मैं कह सकता हूं कि मैंने उनके एहसान का बदला चुका दिया है। हालांकि, मैं इस बात को भी कहूंगा कि नीतीश कुमार ने एनडीए में आकर एकदम सही फैसला किया है।' आपको बता दें कि महागठबंधन से नाता तोड़कर नीतीश कुमार ने 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
क्यों महागठबंधन से अलग हुए थे नीतीश कुमार?
नीतीश कुमार ने पिछले दिनों महागठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए कहा था कि सरकार में आरजेडी की तरफ से कुछ ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए वो अलग हो रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि हम फिर से उन्हीं (एनडीए) के साथ आ रहे हैं, जिनके साथ पहले थे। इसके बाद नीतीश ने इस्तीफा दिया और एनडीए के सहयोग से अपनी नई सरकार का गठन किया। वहीं, आरजेडी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पलटी मारना उनकी पुरानी आदत है और उन्होंने इस बार भी वही किया है।












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