शरद यादव का विवादित बयान, 'बेटी की इज्जत से बढ़कर है वोट की इज्जत'
शरद यादव के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में विरोध भी शुरू हो गया है। उनके बयान को महिलाओं के अपमान के तौर पर देखा जा रहा है।
नई दिल्ली। अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाले जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और सांसद शरद यादव ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। शरद यादव ने एक कार्यक्रम में कहा कि वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से भी बढ़कर है। उन्होंने कहा कि बेटी की इज्जत जाएगी तो गांव और मोहल्ले की इज्जत जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो इलाके की, देश की, सूबे की इज्जत और आबरू चली जाएगी और आने वाला सपना पूरा नहीं होगा।

वहीं जब उनके बयान पर विवाद हुआ तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा, 'मैंने बिल्कुल गलत नहीं कहा, जैसे बेटी से प्यार करते हैं वैसे ही वोट से भी होना चाहिए, तभी देश और सरकार अच्छी बनेगी। वोट और बेटी के प्रति प्रेम और मोहब्बत एक सी होनी चाहिए।' वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस विवादित बयान को लेकर शरद यादव को नोटिस जारी किया है।
शरद यादव के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में विरोध शुरू हो गया था। उनके बयान को महिलाओं के अपमान के तौर पर देखा जा रहा है। शरद यादव कार्यक्रम में राजनीति के गिरते स्तर और वोटों की खरीद-फरोख्त पर चिंता जता रहे थे। उन्होंने कहा कि आजकल वोट को पैसों से खरीदा और बेचा जाता है। बैलेट पेपर के बारे में लोगों को बड़े पैमाने पर हर जगह समझाने की जरूरत है।
पहले भी शरद यादव दे चुके हैं ऐसे बयान
ऐसा पहली बार नहीं कि जेडीयू नेता शरद यादव ने इस तरह का बयान दिया है, वे पहले भी ऐसे बयान दे चुके हैं। पिछले साल राज्य सभा में बीमा बिल पर चर्चा के दौरान शरद यादव ने अचानक से साउथ की महिलाओं का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि साउथ की महिलाओं का रंग तो सांवला होता है लेकिन उनकी बॉडी तो काफी खूबसूरत होती है।
इसके अलावा कुछ साल पहले महिला आरक्षण के विरोध में कहा था उन्होंने कहा थी कि यह बिल केवल 'पर कटी' औरतों के लिए है। उनकी इस चिप्पणी पर तब काफी बवाल मचा था। महिला संगठनों ने उनकी तीखी निंदा की थी। ये भी पढ़ें- भाजपा प्रत्याशी पीयूष रंजन पर यौन शोषण का आरोप












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