नीतीश से बगावत कर सकते हैं जेडीयू के 48 विधायक!
वहीं नीतीश कुमार द्वारा किए गए इस गठबंधन से अब जेडीयू विधायक को भी ये अनुमान हो गया है कि नीतीश कुमार ने जनादेश को धोखा दिया है।
पटना। बिहार में चल रही महागठबंधन की सरकार जैसे ही टूटी, राजद और कांग्रेस नीतीश की नई गठबंधन की सरकार को आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया है। यूं कहें कि राजद बीजेपी के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर ही चुकी है और राजद का दावा है कि जेडीयू के चार दर्जन विधायक अपनी पार्टी और नीतीश की नीति से नाखुश है और अपनी पार्टी में असहज महसूस कर रहे हैं जिसकी वजह से वो कभी भी बगावत कर सकते हैं।

गुप्त मतदान की चुनौती क्या देगी नतीजा!
सदन में नीतीश कुमार को गुप्त मतदान की चुनौती देते हुए आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने दावा किया है कि जेडीयू के नाखुश विधायक हमारे साथ आना चाहते हैं और सभी वैसे विधायक हैं जिन्होंने भाजपा विरोधी वोट से अपनी सफलता हासिल की है और तो और दिग्गजों को हराकर जीत का ताज पहना था। वहीं नीतीश कुमार द्वारा किए गए इस गठबंधन से अब जेडीयू विधायक को भी ये अनुमान हो गया है कि नीतीश कुमार ने जनादेश को धोखा दिया है।
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जेडीयू में ही नीतीश पर धोखा देने का आरोप
दूसरी तरफ राजद के कई नेता नीतीश कुमार पर धोखा देने का और विश्वासघात करने का आरोप लगा रहे हैं। राजद नेताओं का कहना है कि महागठबंधन सरकार पर दो तरफा हमले किए जा रहे हैं। एक दूर से कर रहा है तो दूसरा नजदीक से! नेताओं के द्वारा इस तरह की बात कहे जाने का संकेत नीतीश की पार्टी जदयू और केंद्र की सरकार भाजपा की ओर था। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार के डीएनए पर भी कई तरह के सवाल खड़े किए हैं।

कैबिनेट में 28 मंत्रियों का पावर खत्म
आपको बता दें कि 2015 में बनी महागठबंधन सरकार के कैबिनेट में 28 मंत्रियों का पावर खत्म हो गया। अब वो पूर्व मंत्री बन कर रह गए हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 (1) में किए गए प्रावधान के तहत मंत्रियों को कार्यमुक्त किया जाता है। 26 जुलाई के प्रभाव से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट के नए सदस्य नहीं रहे और नीतीश कुमार भी कैबिनेट के सदस्य नहीं रहे।

पूर्व मंत्री बनकर रहने वाले राजत के नेता...
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री, सह पथ निर्माण, भवन निर्माण और अति पिछड़ा कल्याण मंत्री तेजस्वी यादव, बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, पूर्व श्रम संसाधन मंत्री विजय प्रकाश, पूर्व कृषि मंत्री रामविचार राय, आपदा प्रबंधन मंत्री चंद्र शेखर, पूर्व कला संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम, पूर्व सहकारिता मंत्री आलोक मेहता, खान और भूतत्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉक्टर अब्दुल गफूर, परिवहन मंत्री चंद्रिका राय और पर्यटन मंत्री अनीता देवी, स्वराज्य और भूमि सुधार मंत्री मदन मोहन झा, शिक्षा और आईटी मंत्री अशोक चौधरी, उत्पाद और निबंधन मंत्री अब्दुल जलील मस्तान, पशुपालन मंत्री अवधेश सिंह।












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