Iran-Israel युद्ध के बीच बेगूसराय का इंजीनियर लापता, 17 जून के बाद संपर्क टूटा, मां की गुहार- बेटे को बचाइए
Iran-Israel War, Begusarai Son Missing: ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच एक और भारतीय परिवार पर टूटा कहर। बिहार के बेगूसराय का मैकेनिकल इंजीनियर सैयद सैफुल्लाह 17 जून से लापता है। बेगूसराय (बिहार) के बड़ी बलिया गांव से ताल्लुक रखने वाले 31 वर्षीय सैयद सैफुल्लाह ईरान-इजराइल युद्ध की आग के बीच कहीं लापता हो गए हैं।
12 जून को सऊदी अरब से ईरान पहुंचे थे
एक अनुभवी मैकेनिकल इंजीनियर सैफुल्लाह का परिवार पिछले एक सप्ताह से बेहोशी, बेचैनी और उम्मीद के बीच झूल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सैफुल्लाह, पेट्रोसाज जनरल कांट्रैक्टर कंपनी के लिए कार्यरत हैं, शटडाउन प्लांट्स को पुनः शुरू करने में विशेषज्ञता रखते हैं। ईद के 10 दिन पहले वे सऊदी अरब गए थे और वहां का काम खत्म कर 12 जून को ईरान के अराक शहर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां उनके साथ कंपनी के 40 अन्य लोग भी मौजूद थे।

13 जून से तनाव बढ़ा और बंकर में छिपे रहे
सैफुल्लाह ने 13 जून को फोन पर बताया था कि हालात बहुत गंभीर हैं और वे बंकर में रहकर अपनी जान बचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि "अगर एक दिन पहले यह हुआ होता, तो शायद मैं ईरान न आता।" 17 जून को शाम में अपने छोटे भाई से और रात 1:30 बजे पत्नी से बात हुई थी। इसके बाद से न तो कॉल लग रही है, न ही वॉट्सऐप पर कोई 'लास्ट सीन' दिख रहा है। मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद हो गया है।
मां का आह्वान, "मोदी जी, मेरा बेटा भी भारत का है..."
सैफुल्लाह की मां की आंखें अब पीएम नरेंद्र मोदी की ओर देख रही हैं। उनका कहना है कि "मोदी जी आपने पहले भी भारतीयों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकाला है, अब मेरे बेटे को भी वापस लाइए। हम रोज दुआ करते हैं कि वो सही सलामत लौट आए।" परिजन ने प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बेगूसराय डीएम को आवेदन भेजा है।
गांव में चिंता, सोशल मीडिया पर अपील
बड़ी बलिया गांव में माहौल ग़मगीन है। लोग सैफुल्लाह के लिए दुआ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी सैकड़ों लोग हैशटैग #SaveSaifullah के जरिए भारत सरकार से अपील कर रहे हैं कि युद्ध के इस संकट काल में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जाए।
क्या कहती है विदेश नीति और सुरक्षा एजेंसियां?
वर्तमान में ईरान और इजराइल के बीच लगातार हवाई हमले, ड्रोन हमले और मिसाइल अटैक हो रहे हैं। ऐसे में वहां फंसे किसी भी नागरिक का संपर्क टूटना आशंका और भय का कारण बन जाता है। भारत सरकार पहले यूक्रेन, सूडान और अफगानिस्तान जैसे देशों से ऑपरेशन गंगा व ऑपरेशन कावेरी जैसे राहत अभियान चला चुकी है।
परिवार का आग्रह, विदेश मंत्रालय जल्द कार्रवाई करे
अब सवाल यह है कि क्या भारत सरकार ऑपरेशन चलाकर ईरान से अपने लोगों को वापस ला पाएगी? क्या सैफुल्लाह सुरक्षित हैं? सैफुल्लाह के भाई असदुल्लाह आज़ाद ने कहा: "हम सिर्फ एक ही बात चाहते हैं - मेरे भाई से संपर्क हो जाए या किसी तरह की जानकारी मिले। हमने सरकार से बार-बार गुहार लगाई है। अगर कोई बचा सकता है, तो मोदी सरकार ही है।"












Click it and Unblock the Notifications