नीतीश ने दिए संकेत और लालू के घर पड़ा छापा, जानिए छापे की इंसाइड स्टोरी
पॉलिटिक्स में सबकुछ ऐसे ही नहीं होता है हर एक्शन के पीछे वजह होती है। लालू यादव के ठिकानों पर भी छापेमारी की भी वजह है।
ये एक मजह संयोग भी हो सकता है कि सोमवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अगर लालू यादव के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के पास सबूत हैं तो कार्रवाई करे और मंगलवार को लालू यादव के 22 ठिकानों पर इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट के 100 अधिकारी छापा मार देते हैं।

यह छापेमारी करीब 1000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति को लेकर की गई। छापेमारी के बाद बीजेपी नेता सुशील मोदी लालू और नीतीश कुमार पर हमलावर रहे। सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को अब इस पर विचार करना चाहिए कि आखिर वह ऐसे लोगों के साथ सरकार कैसे चला सकते हैं, जो कि घोटालों और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
क्या नीतीश के इशारे पर कार्रवाई हुई है?
पॉलिटिक्स में सबकुछ ऐसे ही नहीं होता है हर एक्शन के पीछे वजह होती है। लालू यादव के ठिकानों पर भी छापेमारी की भी वजह है। इसको बिहार के सीएम नीतीश कुमार और लालू यादव के बीच चल रहे खटास के परिणाम के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि नीतीश कुमार के इशारे पर ही लालू के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
नीतीश- बीजेपी पास आ रहे हैं ?
लालू के खिलाफ हुई कार्रवाई से नीतीश कुमार मजबूत होंगे और बिहार की राजनीति में उनकी दखल बढ़ेगी। इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इस कार्रवाई के पिछे बीजेपी का हाथ हो सकता है। क्योंकि लालू और नीतीश दूर होंगे तो बीजेपी बिहार में मजबूत होगी और ये भी संभव है कि नीतीश लालू का साथ छोड़कर बीजेपी के साथ आ जाएं।
बीजेपी का नया साथी कौन ?
लालू के एक ट्वीट ने भी बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। लालू ने ट्वीट कर कहा है कि 'बीजेपी को नया एलायंस पार्टनर मुबारक हो। लालू प्रसाद झुकने और डरने वाला नहीं है। जबतक आख़िरी सांस है फांसीवादी ताकतों के खिलाफ लड़ता रहूंगा' इसके साथ ही कयासों का बाजार गर्म है कि लालू किसको बीजेपी का नया साथी कह रहे हैं कही वो नीतीश तो नहीं।
खुलासे पे खुलासा कर रहे थे सुशील मोदी
काफी दिनों से बीजेपी नेता सुशील मोदी लालू के खिलाफ लगातार खुलासा कर रहे थे। लालू के खिलाफ लैंड डील और बेनामी संपत्ति से जुड़े कई खुलासे सुशील मोदी ने किए है। दूसरी तरफ सुशील मोदी नीतीश कुमार से इशारों इशारों में लालू का साथ छोड़ बीजेपी के साथ आने की बात भी कहते रहे। कही ऐसा तो नहीं लालू और नीतीश को अगल करने का कांट्रैक्ट सुशील मोदी ने ले लिया हो। ऐसे तमाम सवाल है जो लालू यादव के 22 ठिकानों पर छापे के बाद उठ रहे हैं।
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