बिहार: कैसे एक चपरासी का बेटा बन गया हजार करोड़ का मालिक? चारा के बाद लालू पर LARA अटैक
14 फरवरी 2017 से इस नई कंपनी को राबड़ी देवी के साथ-साथ उनके दोनों बेटे तेजप्रताप यादव, तेजस्वी यादव को डायरेक्टर बना दिया गया। फिर इस पूरी कंपनी में लालू परिवार का नियंत्रण हो गया।
पटना। धीरे-धीरे बिहार अब घोटालेबाजों का अखाड़ा बनते जा रहा है। कभी बिहार चारा घोटाला के नाम से पूरे देश में चर्चित था तो कभी स्टेट टॉपर घोटाला। हर घोटाले ने बिहार की छवि धूमिल करते हुए मौजूदा सरकार पर उंगली उठाने का काम किया है। हाल फिलहाल बिहार में नौकरी घोटाला सामने आया था जिसकी जांच भी अभी पूरी नहीं हुई थी की महागठबंधन सरकार में शामिल लालू प्रसाद यादव के बेटे द्वारा किए गए मिट्टी घोटाला का मामला सामने आ गया। मिट्टी घोटाले में राज्य सरकार के द्वारा उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। हालांकि इस घोटाले को लेकर विपक्ष की सरकार हर रोज नया-नया खुलासा कर रही है। लेकिन मिट्टी घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव ने कहा की ये आरोप बेबुनियाद है और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की सरकार में शामिल बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा की अपने आप को गरीब और चपरासी का बेटा कहने वाले लालू प्रसाद यादव के पास हजार करोड़ की संपत्ति कहां से आई? इतने वर्षों में कैसे वो हजार करोड़ के मालिक बन गए इसका जवाब उनके पास नहीं है अगर है तो वो बताएं। यहा तक की उन्होंने कहा की हमारे पास उन सब की बातों का सारा प्रूफ है।

आपको बता दें की बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी द्वारा राजद परिवार के ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद बताते हुए लालू प्रसाद यादव ने इस मामले में मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कहीं है। तो सुशील कुमार मोदी भी मानहानि के मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहां की मैं बिना प्रूफ के कोई भी बात नहीं बोलता। हमने जो भी खुलासा किया है और आरोप लगाए हैं उन सभी का प्रूफ हमारे पास है और हम मानहानि के मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा की जिस मॉल से मिट्टी बिना टेंडर हुए जू को बेच दी गई है वो मॉल किसी दूसरे का नहीं बल्कि लालू प्रसाद यादव परिवार का है। साथ ही उन्होंने लालू प्रसाद यादव को चुनौती देते हुए कहा की क्या उनके पास कोई जवाब है जिससे वो प्रमाणित कर सकते हैं की वो मॉल जो 750 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है वो उनके परिवार का नहीं है।

जब लालू थे मंत्री, तभी हुआ था खेल
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब लालू प्रसाद यादव 2005 में रेल मंत्री थे तभी उन्होंने Delight Pvt. Marketing Ltd. के नाम से 2 एकड़ जमीन राजधानी पटना के सगुना मोड़ पर रजिस्ट्री करवाई थी। फिर 12 नवंबर 2016 को इसे लालू राबड़ी के नाम पर Lara Projects Pvt. Ltd. कर दिया गया और 14 फरवरी 2017 से इस नई कंपनी को राबड़ी देवी के साथ-साथ उनके दोनों बेटे तेजप्रताप यादव, तेजस्वी यादव को डायरेक्टर बना दिया गया। फिर इस पूरी कंपनी में लालू परिवार का नियंत्रण हो गया।
सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव को कहां है की अगर उनमें हिम्मत है तो वो इस बात की जानकारी दें कि आखिरकार किसकी जमीन पर राज्य का सबसे बड़ा मॉल का निर्माण करवाया जा रहा है। तो दूसरी तरफ उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लालू परिवार के द्वारा चुनाव के वक्त चुनाव आयोग को इस संपत्ति के बारे में नहीं बताया गया था। साथ ही उन्होंने लालू प्रसाद यादव से पूछा कि आखिरकार कैसे एक चपरासी का बेटा 15 से 20 वर्षों में राजनीति के बदौलत हजार करोड़ का मालिक बन गया। इस बात का जवाब वो दें। हम उनके मानहानि के मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं।












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