Bihar News: बिहार की जेलों में डिजिटल क्रांति, कैदियों को मिलेगा कंप्यूटर ज्ञान,41 काराओं में बनेगी हाईटेक लैब
Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य की जेलों में बंद कैदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल की है। अब जेलों में बंद कैदियों को कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण मिलेगा। इस योजना के पहले चरण की शुरुआत पटना के बेऊर जेल, मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा और बक्सर केंद्रीय कारा में की गई है। इसमें कुल 116 कैदियों को शामिल किया गया है।
पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन
इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि यह पहल बंदियों के पुनर्वास में सहायक होगी और अपराध की पुनरावृत्ति को कम करने में मदद करेगी। जेलों में पहले से मौजूद तकनीकी दक्ष कैदियों को प्रशिक्षण देने में शामिल किया जाएगा।

नाइलेट के सहयोग से प्रशिक्षण
कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार ने इसे विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि यह कार्यक्रम समाज की मुख्यधारा से कैदियों को जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलेट) के माध्यम से दिया जा रहा है, जिसमें बेसिक कंप्यूटर कॉन्सेप्ट और डिजिटल लिट्रेसी सिखाई जाएगी। नाइलेट के कार्यकारी निदेशक नितिन पुरी ने कहा कि संस्थान इस कार्यक्रम को पूरी प्रतिबद्धता से सफल बनाएगा।
2.25 करोड़ की योजना, 41 जेलों में लैब
इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 2 करोड़ 25 लाख रुपये का निवेश किया है। बिहार की 41 जेलों में कंप्यूटर लैब तैयार की जा रही हैं, जिसमें 250 कंप्यूटर, यूपीएस और कंप्यूटर टेबल्स की व्यवस्था की गई है। इस पहल की बिहार के लोगों ने काफी सराहना की है, उनका मानना है कि इससे समाज में अपराध कम होगा और शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
1100 कैदियों को मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण
आगामी चरण में 1100 कैदियों को आठ विभिन्न व्यावसायिक विधाओं में प्रशिक्षित करने की योजना है। यह कार्य बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के सहयोग से किया जाएगा। इसके लिए गृह विभाग और नाइलेट के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। सरकार का उद्देश्य है कि बंदियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज में दोबारा स्थापित किया जाए।











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