Hathidah Junction: पार्किंग की आड़ में हो रही अवैध वसूली, EC रेलवे और GST नियमों की उड़ रही धज्जियां
Hathidah Junction Parking: बिहार में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आये दिन चर्चा होती है। मामले सुर्खियों में जगह पाते हैं, लेकिन उस पर लगाम नहीं लग पाता है। शायद यही वजह है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
ताज़ा मामला बिहार की राजधानी पटना अंतर्गत आने वाले हाथीदह जंक्शन का है। जहां खुलेआम इस्टर्न सेंट्रल रेलवे पार्किंग और जीएसटी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। पेड पार्किंग के नाम पर अवैध उगाही की जा रही है।
पार्किंग कर्मियों द्वारा दी गई पर्ची में ईस्ट सेंट्रल रेलवे हाथीदह जंक्शन लिखा हुआ है। इसमें जीएसटी नंबर 10ASVPP4426G1ZN दर्ज है। हर्षवर्धन इंटरप्राइज़ेज के नाम पर बेगूसराय रेंज में कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड काम के लिए जीएसटी नंबर लिया गया है।

अब सवाल यह उठता है कि पार्किंग शुल्क घंटे के एतबार से ली जाती है। लेकिन हाथीदह जंक्शन पर मनमाने तरीक़े से वसूली की जा रही है। किसी से 20 तो किसी से 30 तो किसी से 40 रुपये लिये जा रहे हैं। पार्किंग क्षेत्र के बाहर अगर कोई 5 मिनट भी गाड़ी रोक ले तो जबरन उससे पैसे लिए जा रहे हैं। इस मामले में इस्ट सेंट्रल रेलवे हाजीपुर हेडक्वार्टर बात करने के लिए कॉल किया गया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया।
पार्किंग के नाम पर अगर अवैध वसूली का विरोध करता है, तो वहां मौजूद स्थानीय दबंगों द्वारा मारपीट की जाती है। पार्किंग कर्मी से जब यह सवाल किया गया कि घंटे के हिसाब से पैसे लेने का प्रावधान है। पार्किंग के बाहर खड़े लोगों से जबरन वसूली क्यो की जाती है।
इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ठेकेदारी किसने ली और किस प्रावधान से ली वह हम लोग नहीं जानते हैं। यहां के ठेकेदार और मालिक हम हैं, जिनसे जैसे चाहेंगे वैसे वसूली करेंगे। तुम्हारे जैसे लोग आते हैं और जाते हैं। यह जागीर हमारी है, हमारे लिए अपने द्वारा बनाए गए ही नियम और कानून का पालन करना प्रावधान है।
पार्किंग कर्मी की बात से तो यह साफ हो गया कि हाथीदह जंक्शन पर सरकारी नियम और कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। उन्हें किसी बात का डर नहीं है। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि ऊपर से नीचे तक लोगों को पैसे खिलाकर सब मैनेज किया जाता है। आप लोग इन माफियाओं के चक्कर में नहीं पड़े, जान का जोखिम हो सकता है।












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