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बिहार वासियों को मिल सकती है एक और Airport की सौगात, ज़मीन के लिए शुरू हुआ सर्वे

बिहार के गोपालगंज में Airport चालू करने की कवायद तेज़ कर दी गई है। पिछले दो सप्ताह से केंद्र से टीम गोपालगंज पहुंच कर ज़मीन का सर्वे कर रही है। जल्द ही गोपालगंज से हवाइ सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Gopalganj Airport News Update, Sabeya Airport Land Survey News Hindi

Gopalganj Airport News: बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य में हवाई सेवा के विस्तार के लिए एक और एयरपोर्ट चालू होने की क़वायद तेज़ हो चुकी है। बिहार में पटना, दरभंगा के बाद गोपालगंज के सबेया एयरोपोर्ट को केंद सरकार की उड़ान योजना में शामिल किया गया है। गोपालगंज के सबेया एयरपोर्ट से उड़ान शुरु करने के लिए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबि रक्षा मंत्रालय की टीम पिछले दो सप्ताह से स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर ज़मीन का सर्वे कर रही है। गोपालगंज में जल्द ही हवाई सेवा बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Airport की ज़मीन के लिए शुरू हुआ सर्वे

Airport की ज़मीन के लिए शुरू हुआ सर्वे

गोपालगंज सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन ने हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री से मुलाक़ात की थी, इसके साथ ही उन्होंने गोपालगंज में एयरपोर्ट के लिए ज़मीन सर्वे के लिए टीम भेजने पर भी ज़ोर दिया था। आपको बता दें कि सांसद डॉ. आलोक कुमार गोपालगंज में एयरपोर्ट चालू करने की मांग कई बार लोकसभा में उठा चुके हैं। वहीं इस मामले में मीडिया को जानकारी देते हुए सांसद डॉ, आलोक कुमार सुमन ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की टीम 4 जनवरी से ही गोपालगंज पहुंची हुई है और एयरपोर्ट के लिए जमीन के सर्वे में जुटी हुई है। एयरपोर्ट की ज़मीन का सर्वे पूरा होने के बाद बॉउंड्री वॉल घेरने का काम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही उड़ान योजना के मद्देनज़र रनवे भी तैयार होगा।

एयरपोर्ट की जमीन पर कई जगहों पर अतिक्रमण

एयरपोर्ट की जमीन पर कई जगहों पर अतिक्रमण

गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि 700 एकड़ में एयरपोर्ट की ज़मीन है। एयरपोर्ट की जमीन पर कई जगह अतिक्रमण किया हुआ है। रक्षा मंत्रालय और स्थानीय राजस्व विभाग की टीम एयरपोर्ट की जमीन का बॉर्डर तैयार कर रही है। सीमांकन पूरा कर जल्द ही रक्षा मंत्रालय को जमीन सुपुर्द कर दिया जाएगा ताकि इस जमीन का इस्तेमाल भविष्य में कई परियोजनाओं में किया जा सके। गोपालगंज के बुजुर्गों ने बताया कि 1868 में अंग्रेज़ों द्वारा सबेया में एयरपोर्ट का निर्माण करवाया था। 700 एकड़ ज़मीन पर फैले इस एयरपोर्ट का इतिहास काफी पुराना है।

सरकारी राजस्व बढ़ने की भी उम्मीद

सरकारी राजस्व बढ़ने की भी उम्मीद

सुरक्षा के मद्देनज़र चीन के नजदीक होने की वजह से सबेया एयरोपोर्ट काफी संवेदनशील माना जाता था। रक्षा मंत्रालय ने आजादी के बाद इस हवाइ अड्डा को ओवरटेक कर लिया था, और विकसित करने की जगह छोड़ दी थी। ग़ौरतलब है कि बिहार में सबसे ज्यादा सीवान और गोपालगंज के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोग विदेशों में रोजगार कर रहे हैं। इस बाबत ओमान, मस्कट, सउदी, बहरीन, ईरान और दुबई जा रहते हैं। वहीं जानकारों की मानें तो सीवान के बाद सबसे ज्यादा विदेशी करेंसी गोपालगंज में आती है। गोपालगंज से 120 किलोमीटर की दूरी पर गोरखपुर एयरफोर्स का यूनिट है। इसलिए सबेया एयरपोर्ट को केंद्र सरकार ने पिछले साल ही उड़ान योजना में शामिल किया है। यहां से घरेलू उड़ानें शुरू होने पर स्थानीय स्तर पर कारोबार में इज़ाफा होगा। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा के आवक से सरकार का राजस्व भी बढ़ने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें: Airport In Bihar: बिहार के एक और ज़िले से शुरू हो सकती है हवाई सेवा, रनवे का हुआ सर्वे

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