तोते की मौत पर पूरे परिवार को लगा सदमा, न दिवाली मनाई, न छठ

पटना। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पालतू पशु पक्षियों से बेहद प्रेम करते हैं खासकर तोते से। एक परिवार बिहार के कटिहार जिले में रहता है जो पिछले 9 वर्षों से घर में रह रहे तोते को अपने बेटे की तरह मानता था। दीपावली से 1 दिन पहले पालतू तोते की मौत हो गई जिसके बाद पूरा परिवार ना केवल सदमे में आ गया बल्कि उसे अपना बेटा मान कर पूरे विधि विधान से श्राद्ध कर्म करने की तैयारी करने मे लगा है। ना घर में दीपावली मनी और ना ही छठ। पूरे विधि विधान के साथ पहले उसका अंतिम संस्कार किया गया। सभी लोग मातम मनाते हुए उसके श्राद्ध कर्म की तैयारी करने लगे और तो और मिट्ठू की मौत से परिवार वाले बहुत दुखी हैं।

सबका प्यार था मिट्ठू तोता

सबका प्यार था मिट्ठू तोता

मिली जानकारी के अनुसार पक्षी प्रेमी परिवार वालों का नजारा बिहार के कटिहार जिले में देखने को मिला जहां के जगदीश नगर के रहने वाले मनोज गोस्वामी के घर पिछले 9 वर्षों से रह रहे एक तोते की मौत दीपावली से 1 दिन पहले हो गई थी। तोता मिट्ठू सबसे प्यारा था और परिवार के लोग उसे अपने बेटे की तरह मानते थे। परिवार वालों के साथ साथ बच्चों के साथ वह कुछ इस तरह घुल-मिल गया था कि कहीं भी खुले में घर में रहता था।

'तोता नहीं हमारा बेटा था'

'तोता नहीं हमारा बेटा था'

दीपावली से 1 दिन पहले पंखे से टकराकर उसकी मौत हो गई जिसके बाद परिवार वाले पर गहरा सदमा लगा। मौत के बाद नम आंखों से जहां परिवार की औरतों ने उसे अंतिम विदाई दी तो दूसरी तरफ मनोज की पत्नी रंजीता का हाल बेहद खराब है। वह अपने तोते को याद कर बार बार रोती जा रही है। दूसरी तरफ मनोज उसकी आत्मा की शांति के लिए पूरे विधि विधान से श्राद्ध कर्म करने की तैयारी कर रहे हैं। आसपास के लोग भी गोस्वामी परिवार से मिट्ठू के चले जाने को लेकर दुखी हैं और उनके परिवार वालों का ढाढ़स बढ़ते हुए साथ खड़े दिखते हैं और कहते हैं कि वाकई इस परिवार के लिए मिठू तोता नहीं बेटा था।

पंखे से टकराकर हुई मौत

पंखे से टकराकर हुई मौत

तोते के बारे में बताते हुए परिवार के मुखिया मनोज का कहना है कि बचपन में वह कहीं से उनके पास चला आया था और काफी बीमार था जिसके बाद हम लोगों ने उसका इलाज करवाया और तब से लेकर आज तक वह हम लोगों के साथ ही रहता था। हम लोगों ने कभी उसे पिंजरे में कैद नहीं किया। जब भी उसका जी चाहता था वह बाहर निकलता था और पिंजरे में चला जाता था।

9 सालों से था तोते का साथ

9 सालों से था तोते का साथ

घर के बड़े से लेकर बच्चे तक सभी उसके इतने दीवाने थे कि उसके बगैर खाना भी नहीं खाते थे। पिछले 9 सालों तक इस परिवार के साथ रह रहा और एक रिश्ता बना लिया था जिससे बिछड़ने का गम वाकई बेहद दुखद है।

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