Bihar School Holidays: 'धर्म के आधार पर स्कूल की छुट्टी में भेदभाव', NCPCR ने सरकार को भेजा नोटिस
Discrimination in school holidays? बिहार में इन दिनों सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में धार्मिक आधार पर भेदभाव का मामला गर्माया हुआ है। दरअसल बिहार सरकार पर स्कूलों में हिंदू त्यौहारों की छुट्टियां कम करने और मुस्लिम त्योहारों पर छुट्टियां बढ़ाने का आरोप लग रहा है।

इस लेकर विपक्ष लगातार उनपर हमला बोल रहा है तो वहीं अब इस बारे में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। उसका कहना है कि 'सभी बच्चों को धार्मिक उत्सव मनाने का समान अधिकार है।' इस बारे में उसने सरकार से 7 दिन के अंदर रिपोर्ट जमा करने को कहा है।
'सहभागिता के अधिकार का सरंक्षण करना हमारा कर्तव्य'
आयोग ने कहा कि 'अगर सात दिनों तक सचिव रिपोर्ट जमा नहीं करते हैं तो उन्हें समन भेजा जाएगा।' आपको बता दें इससे पहले आयोग ने बिहार के किशनगंज के कई स्कूलों में नोटिस भेजा था, इन स्कूलों में संडे की जगह शुक्रवार (जुमा) की छुट्टी होती थी। अपने नोटिस में आयोग ने साफ कहा है कि 'इंडिया यूनाइटेड नेशन में अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार संधि का हस्ताक्षरकर्ता है, जिसके मुताबिक बच्चों के खाने-पीने, शिक्षा और सहभागिता का ध्यान रखने की उसकी परम जिम्मेदारी है।'
'सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में भारी कटौती'
आपको बता दें कि बिहार सरकार ने सितंबर से दिसंबर तक की सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में भारी कटौती की थी, उसने सितंबर से दिसंबर तक 23 छुट्टियों को कम करके 11 कर दी थी, जिसके बाद से सरकार लोगों और विपक्ष के निशाने पर हैं। इस बारे में लोगों का कहना है कि 'सरकार ने अचानक से हिन्दुओं पर्वों की छुट्टियां रद्द कर दी जबकि मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियों पर भी कोई फर्क नहीं पड़ा है।'
कई स्कूली टीचरों ने भी इस फैसले का किया था विरोध
इस फैसले के खिलाफ कई स्कूली टीचरों ने भी आवाज उठाई थी और कहा था कि 'हम लोग 250 से ज्यादा दिन पढ़ाते हैं ऐसे में हमारे खास पर्वों के दिन छुट्टी ना होने से हम कैसे काम कर पाएंगे।'
'220 दिन साल में स्कूल में पढ़ाई होना जरूरी है'
जबकि सरकार का कहना है कि 'विपक्ष इसे जानबूझकर मुद्दा बना रहा है, ये फैसला किसी धर्म को मद्देनजर नहीं लिया गया है बल्कि 220 दिन साल में स्कूल में पढ़ाई होना जरूरी है इसलिए छुट्टियों कम की गई हैं लेकिन विपक्ष को तो हर चीज का मुद्दा बनाने की आदत है और इसी वजह से वो इस बारे में राजनीति कर रहा है।'












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