Bihar में एक और युवक ने डिग्री के नाम पर खोली चाय की दुकान, जानिए Tea Stall खोलने की वजह
बिहार में डिग्री के नाम पर Tea Stall का चलन बढ़ता ही जा रहा है। इसके ज़रिए युवक खुद को आत्मनिर्भर बना ही रहे हैं, इसके साथ ही मार्केट में उनकी अलग पहचान भी बन रही है।

Tea Stall In Bihar: इन दिनों शिक्षित, बेरोजगार युवा हो या फिर प्यार में धोखा खाए हुए युवा खुद की अलग पहचान बनाने के साथ कामयाब भी हो रहे हैं। डिग्री के नाम पर टी स्टॉल खोलकर खुद को सफ़ल बना रहे हैं या यू कह लीजिए किर ग्राहक को इकट्ठा करने के लिए कारगर तरीका अपनाया है। इससे वह सुर्खियों भी बटोर रहे हैं और व्यापार में कामयाबी भी मिल रही है। बिहार में अभी तक एमबीए, ग्रेजुएट, मैट्रिक फेल, क़ैदी और बेवफ़ा चाय स्टॉल के बारे में आपने सुना और देखा होगा, लेकिन आज हम आपको डिप्लोमा इंजीनियर चाय वाले की कहानी से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिन्हें डिप्लोमा के बाद नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के लिए डिप्लोमा पास चाय वाला स्टॉल खोल लिया और आज वह काफ़ी सुर्खिया बटोर रहा है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की डिग्री
मुकेश कुमार रॉय शेखपुरा ज़िला के शेखूपुर गांव का रहने वाला है, साल 2019 में पंजाब यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की, रोजगार की तलाश में इधर उधर भटका लेकिन नौकरी नहीं मिली। मन के लायक नौकरी नहीं मिलने पर मुकेश वापस अपने घर शेखपुरा लौट आया और वहीं छोटे बच्चों को तालीम देने शुरू कर दिया। इस दौरान कोरोना ने क़हर बरपाना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसने होम ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। ट्यूशन पढ़ाकर घर के 8 लोगों की ज़िम्मेदारियों को उठाना मुश्किल हो रहा था। इन सब परेशानियों को देखते हुए मुकेश ने नालंदा ज़िले का रुख किया.
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अपने दोस्त की मदद से खोला Tea Stall
नालंदा पहुंचने के बाद मुकेश ने अपने दोस्त के साथ मिलकर डिप्लोमा पास चाय वाला के नाम से टी स्टॉल खोलकर नए साल की शुरुआत की, स्थाई जगह नहीं मिल पाने की वजह से वह इधर उधर घूमकर स्टॉल चलाना शुरू किया। आखिरकार उसे एक स्थाई जगह मिल गया और उसने बिहार शरीफ़ मुख्यालय के रजिस्ट्री कचहरी के पास टी स्टॉल लगाया। अब मुकेश के टी स्टॉल लोगों की ज़ुबान पर है और वह खूब सुर्खियां बटोर रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक चाय मुकेश की दुकान पर चाय पीने वालों की कतार लगी रहती है।

करीब 300 कप चाय रोज़ाना बेचता है मुकेश
मुकेश सुबह से लेकर शाम तक करीब 300 कप चाय रोज़ाना बेचता है, यहां के चाय की कीमत 8 रुपये से लेकर 25 रुपये तक है। फिल्हाल डिप्लोमा पास चाय वाला के पास तीन फ्लेवर के चाय ही मिलते हैं। वहीं मुकेश चाय के फ्लेवर को बढ़ाने पर भी ज़ोर दे रहा है। यह तो मुकेश के व्यापार के बारे जानकारी आपको दी, अब उसके परिवार के बारे में भी आपको बताने जा रहे हैं। मुकेश कुमार रॉय के पिता सेवक रावत का घर शेखपुरा ज़िला के शेखुपुरसराय में है। मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखने मुकेश के परिवार का खेती से गुज़ारा करता था। लॉकडॉउन की वजह से आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। लाचार वृद्ध मां और पिता बच्चों की परवरिश मुश्किल से कर पा रहे थे।

अन्य युवाओं को भी रोजगार देने का लक्ष्य
परिवार की ज़िम्मेदारियों को देखते हुए मुकेश ने चाय का स्टॉल खोल लिया, इससे ही छोटे भाई की पढ़ाई, घर का खर्च और अपना पॉकेट खर्च मेंटेन कर रहा है। मुकेश ने बताया कि जब वह पंजाब से डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहा था तब उसके रूममेट उसकी चाय की काफी तारीफ़ करते थे। सोशल मीडिया पर टी स्टॉल चलाकर आत्मनिर्भर बनने वाले युवकों को देखने प्रेरणा मिली और मुकेश ने भी इसकी शुरुआत की। मुकेश को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अगर इस तरह से कारोबार सही चला तो वह दूसरे जगह पर ब्रांच खोलकर अन्य बेरोजगार युवाओं को साथ जोड़कर टी स्टॉल चलाएंगे।
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