Video: हाथी, ड्रोन कैमरा, शार्प शूटर्स और विदेशी एक्सपर्ट्स, जानिए आदमखोर बाघ के खात्मे की पूरी कहानी
Bihar Man eating tiger: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा (Bagaha tiger killed) में आम लोगों ने उस वक्त राहत की सांस ली, जब 9 लोगों की जान लेने वाले आदमखोर बाघ को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। पिछले कई महीनों से यह बाघ इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका था, जिसके चलते ऐसा पहला मौका आया, जब किसी बाघ को गोली मारने कर मौत के घाट उतार देने का आदेश दिया गया हो। इस दहशतगर्द बाघ ने 10 लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसमें से 9 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। प्रशासन ने बाघ को मौत की नींद सुलाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। ऐसे में जानिए बाघ के खात्मे की पूरी कहानी...

ऐसा पहला मौका, जब एनकाउंटर का दिया आदेश
दरअसल, बगहा में 9 लोगों की हत्या करने वाले 'नरभक्षी' बाघ को मारने के आदेश जारी किए थे। आदमखोर होने की वजह से राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority) ने उसे खत्म करने का आदेश दिया था। आदेश को लेकर डीएफओ ने बताया कि बाघ को मारने के आदेश प्रक्रिया के अनुसार जारी किए जाते हैं, जब यह साफ हो जाता है कि बाघ मानव निवास में रहने का आदी है। पिछले तीन दिनों में बाघ ने 4 लोगों की जान ले ली। शनिवार सुबह ही उसने बलुआ गांव की एक महिला और 7 साल के बच्चे को मार डाला था।

ड्रोन कैमरे और हाथी बाघ की तलाश में उतारे
बाघ को मारने के फरमान के बाद पूरा पुलिस-प्रशासन एक्टिव हुआ और फिर शुरू हुआ बाघ के आतंक के खात्म के लिए ऑपरेशन। बाघ का पता लगाने के लिए वन विभाग की टीम एरिया में सतर्क हुई, लेकिन टीम को बाघ के भागने के पगमार्क नहीं मिले, जिसके बाद साफ हो गया कि बाघ इसी इलाके के गन्ने के खेत में कहीं छिपा बैठा है। जिसके बाद उसकी खोज के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया। खेत में 8 से 10 फीट के गन्ने लगे थे, ऐसे में उसको खोजना मुश्किल लग रहा था। फिर ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया। लेकिन जब ड्रोन से भी कुछ हाथ नहीं लगा तब 2 हाथियों को उसकी खोजबीन के लिए गन्ने के खेत में उतारा गया।

7 शार्प शूटर बुलाए, जिन्होंने 4 गोली में किया खेल खत्म
इतना ही नहीं इलाके से बाघ की दहशत का अंत करने के लिए बिहार पुलिस के 7 शार्प शूटर भी बुलाए गए थे, जो पेड़ों थे और कुछ हाथियों पर सवार होकर बाघ को अपना निशाना बनाने के लिए मुस्तैद थे। पूरे इलाके की घेराबंदी की हुई थी। खेतों में जाल का पहरा था। ऐसे में हाथियों की मदद से बाघ को घेरा लिया गया और शार्प शूटरों ने चार गोलियों में पूरे इलाके में मच रहे बाघ के आतंक को शांत कर दिया।

पड़ोसी देश नेपाल से एक्सपर्ट बुलाए
बिहार में बाघ को घेरकर मारने की ऐसी पहली घटना थी। बाघ के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में वन विभाग के अलावे STF, SSB और कई थानों की पुलिस को तैनात किया गया था। साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के भी एक्सपर्ट बुलाए गए थे। बता दें कि पिछले 6 महीने में आदमखोर बाघ ने 10 लोगों को अपना शिकार बना था। जिसमें से सिर्फ एक की जान बच सकी, जिसके मद्देनजर उसे देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया था।












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