बिहार के औरंगाबाद में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू
पटना। बिहार के औरंगाबाद जिला में सोमवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान दो पक्षों में पथराव और फायरिंग के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। जिले में तनाव के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं। शहर में सीआरपीएफ ने फ्लैग मार्च कर मोर्चा संभाला हुआ है। पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसपी समेत कई पुलिस अधिकारी खुद मोर्चा संभाले हैं। जिले में हंगामा रामनवमी जुलूस के दौरान शुरू हुआ जिसने बाद में बेहद हिंसक रूप से लिया। उपद्रवियों ने बाजारों में जमकर तोड़फोड़ करते हुए करीब 50 दुकानों में आग लगा दी है। पुलिस ने दंगाईयों को खदेड़ने की कोशिश की तो पुलिस के साथ भी इनका टकराव हुआ। जिले नावाडीह मोहल्ले और सिन्हा सोशल क्लब में फायरिंग और बमबाजी, जबकि महाराजगंज रोड पर आगजनी की गई है।

कमिश्नर जितेन्द्र श्रीवास्तव और डीआईजी विनय कुमार भी सोमवार को औरंगाबाद पहुंचे। कमिश्नर ने कहा कि लोग सहयोग करें और किसी भी तरह की जानकारी पहले प्रशासन को दें। उन्होंने बताया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। औरंगाबाद के जिलाधिकारी राहुल रंजन माहिवाल ने बताया है कि किसी तरह की अफवाह न फैले इसके लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। वहीं 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हंगामा दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ। जुलूस जब अनुरूप बाजार में था तो हंगामे के बाद पथराव शुरू हो गया। इसी दौरान ठाकुरबाड़ी की तरफ से रामनवमी की शोभायात्रा बाजार के लिए प्रवेश किया। दोनों तरफ से पथराव होने के बाद यहां मौजूद पुलिस ने किसी तरह जुलूस को पार कराया। जुलूस के पार होने के बाद शहर में उपद्रव शुरू हो गया।
औरंगाबाद के हालात बीते कई दिनों से तनावपूर्ण हैं। रविवार को भी बिहार के औरंगाबाद और कैमूर जिले में शोभा यात्रा को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था और तनाव की आड़ में उपद्रवियों ने आगजनी व पथराव किया। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। बिहार के सीवान और बेगुसराय में बीते कुछ दिनों में लगातार सांप्रदायिक तनाव की खबरें हैं।












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