अपने वादों को पूरा करने में जुटे हैं CM नीतीश कुमार, सिंचाई को लेकर वेबसाइट और एप किया लॉन्च
पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में जुटे हुए हैं। सीएम नीतीश कुमार का सपना आत्मनिर्भर बिहार के " सात निश्चय-2 " ' हर खेत तक सिंचाई का पानी ' पहुंचाना है। इसके लिए जल संसाधन विभाग ( नोडल ), लघु जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग और पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों के कुल 534 प्रखण्डस्तरीय संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण दल का गठन किया गया है।

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार के सपने को पूरा करने के लिए राज्यव्यापी संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण कार्य आज से शुरू किया गया। जल संसाधन मंत्री ने यह भी बताया कि इसके लिए 38 जिलास्तरीय संयुक्त अनुश्रवण दल का गठन किया गया है। मंत्री विजय चौधरी ने आज संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण कार्य के लिए सिंचाई-निश्चय वेबसाइट और सिंचाई-निश्चय मोबाइल एप का भी उद्घाटन किया। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि राज्यव्यापी संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण कार्य को 100 दिनों में पूरा किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रखण्डस्तरीय संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण दल सभी गांव, टोला में स्थानीय ग्रामीणों, किसानों के साथ बैठक करेंगेष इसके अलावा सिंचित और असिंचित क्षेत्र में उपलब्ध जलश्रोत के लिए संभावित सिंचाई योजनाओं के संबंध में सुझाव मांगेंगे। इन सुझावों के मिलने के बाद तकनीकी सर्वेक्षण दल द्वारा उस ग्राम के असिंचित क्षेत्र का स्थल पर जाकर टेक्निकल आधार पर संभावित सिंचाई योजनाओं का चयन करेंगे।
साथ ही उन्होंने बताया कि इसके बाद चयनित सिंचाई योजनाओं का तकनीकी डाटा एवं अनुमानित लागत सिंचाई-निश्चय मोबाईल एप में एकत्रित करेंगे। चयनित योजना के जलश्रोत और कमाण्ड क्षेत्र को ग्रामीण नक्शा पर भी चिन्हित किया जाएगा। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सभी गांव टोला के ग्रामीण और किसानों के सक्रिय सहभागिता से ही तकनीकी सर्वेक्षण कार्य सफल होगा।
जल संसाधन मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों के सहयोग से ही हर खेत तक सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हम जल्द प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से अपील की है कि अपने-अपने इलाके में सर्वेक्षण दल को आवश्यक जानकारी और सहयोग देकर इस योजना को सफल बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी सर्वेक्षण का काम शुरू करने के पहले मास्टर ट्रेनर्स, जिलास्तरीय नोडल पदाधिकारी और प्रखण्डस्तरीय तकनीकी सर्वेक्षण दल को तकनीकी सर्वेक्षण कार्य एवं मोबाईल एप का प्रशिक्षण भी दिया गया है।












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