AQI Bihar today: बिहार में मौत का स्मॉग! 250 के पार पहुंचा AQI, जानें आपके शहर में प्रदूषण की क्या है स्थिति
AQI Bihar today: बिहार में कड़ाके की ठंड के साथ अब 'जहरीली हवा' का दोहरा संकट खड़ा हो गया है। राजधानी पटना सहित हाजीपुर, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेजी से गिरकर 'खराब' और 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। मंगलवार की सुबह हाजीपुर में राज्य का सर्वाधिक प्रदूषण (258 AQI) दर्ज किया गया।
गिरता तापमान प्रदूषकों को जमीन के करीब रोक रहा है, जिससे धुंध और स्मॉग की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को, विशेषकर सांस के रोगियों को, घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।

प्रमुख शहरों में प्रदूषण का स्तर
बिहार के कई शहरों में हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, हाजीपुर (258) सबसे प्रदूषित रहा, जिसके बाद मोतिहारी (240) और मुजफ्फरपुर (239) का नंबर आता है। आरा और गया में भी AQI 200 के पार पहुंच गया है। प्रदूषण विभाग के मानकों के अनुसार, 200 से 300 के बीच का स्तर 'ज्यादा खराब' माना जाता है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी कोई भी जिला 300 (अत्यधिक गंभीर) के आंकड़े को पार नहीं कर पाया है।
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राजधानी पटना की स्थिति
पटना में प्रदूषण का वितरण असमान है, लेकिन लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता खराब है। पटना सिटी (तख्त हरमंदिर साहिब) और गांधी मैदान के पास AQI क्रमशः 215 और 214 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एयरपोर्ट और दानापुर स्टेशन के पास भी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इनकम टैक्स चौराहा और इको पार्क जैसे इलाकों में AQI 150 से 190 के बीच रहा, जो सामान्य से काफी अधिक और फेफड़ों के लिए चुनौतीपूर्ण है।
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स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां और जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार, 200 से ऊपर AQI होने पर सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। दमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। वृद्धों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अनिवार्य है और सुबह की सैर (Morning Walk) से फिलहाल बचने का सुझाव दिया गया है ताकि जहरीले कण फेफड़ों में न पहुंचें।
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कम प्रदूषित जिलों का हाल
राज्य के कुछ हिस्सों में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है, जहां AQI 200 से नीचे दर्ज किया गया। नालंदा (191), राजगीर (144) और भागलपुर (160) में हवा 'खराब' तो है लेकिन 'अति खराब' श्रेणी में नहीं है। बक्सर, अररिया और कटिहार जैसे जिलों में प्रदूषण का स्तर 130 के आसपास रहा। हालांकि, तापमान में और गिरावट आने पर इन जिलों में भी प्रदूषण बढ़ने की संभावना है। प्रशासन लगातार इन आंकड़ों पर नजर रखे हुए है ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।












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