Bihar Teacher Niyamawali 2023: बिहार में नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली से जुड़े हर सवाल का जवाब यहां पढ़ें
Bihar Teacher Niyamawali 2023 PDF: बिहार सरकार के द्वारा शिक्षक भर्ती को लेकर बिहार शिक्षक नियमावली 2023 जारी किया गया है। इस नियमावली को लेकर कई अभ्यर्थी कन्फ्यूज हैं। हम यहां आपके सभी सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।

Bihar Teacher Niyamawali 2023: बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती को लेकर नई नियमावली जारी की है। जिसे लेकर जहां कई जगह विरोध हो रहा है तो वहीं कई लोग इसे लेकर कन्फ्यूज हैं। लोग उन सवालों का जवाब जानना चाह रहे हैं जो कि उन्हें उलझन में डाल रहे हैं। आइए आज हम आपको बताने जा रहे हैं हर सवाल का जवाब...
इस नियमावली का नाम क्या?
बिहार मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में राज्य विद्यालय अध्यापक ( नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्यवाही और सेवा शर्त ) नियमावली 2023 को स्वीकृति दी गई।
कौन करेगा परीक्षा आयोजित (Bihar Teacher Niyamawali 2023)
परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) या अन्य आयोग द्वारा आयोजित की जाएगी।
क्या बिहार के बाहर के बाहर लोग को भी बन पाएंगे शिक्षक?
नहीं। आवेदक के लिए बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। यानी कि केवल बिहार के लोग ही इसमें आवेदन कर सकते हैं।
CTET और STET पास किए बिना फॉर्म भर सकते हैं क्या?
बिल्कुल नहीं, नई नियमावली के तहत सीटीईटी और एसटीईटी पास अभ्यर्थी ही BPSC या अन्य आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा पास कर शिक्षक बन सकेंगे।
कोई परीक्षार्थी कितनी बार परीक्षा दे सकेगा? (Bihar Teacher Niyamawali 2023)
कोई भी परीक्षार्थी इस नियमावली के अंतर्गत अधिकतम तीन बार परीक्षा में भाग ले सकेगा।
क्या शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलेगा?
हां राज्य सरकार सीधे शिक्षकों की नियुक्ति करेगी। शिक्षक अब राज्यकर्मी होंगे। पंचायत से लेकर नगर निकायों द्वारा शिक्षकों की बहाली का प्रावधान ही खत्म कर दिया जाएगा।
वेतन स्ट्रक्चर क्या होगा?
शिक्षकों को राज्यकर्मियों की तरह नियमित वेतन, भत्ते और सुविधायें मिलेंगी।
क्या नियोजित शिक्षकों को भी मिलेगा मौका?
हां, सरकार ने पहले से नियुक्त नियोजित शिक्षकों को भी मौका दिया है। वे भी एक परीक्षा पास कर नियोजित से नियमित शिक्षक बन सकेंगे।
क्या इस परीक्षा में किसी को किसी तरह की छूट मिलेगी?
हां। दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण वैसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2012 से पूर्व हुई हो उनके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा ( STET,CTET, DLED) में उत्तीर्णता अनिवार्य नहीं होगी।
नियोजित शिक्षकों को झटका या फायदा?
उन नियोजित शिक्षकों के लिए फायदा है जिनमें बहुत अधिक टैलेंट है क्योंकि अगर वे अगर राज्यकर्मी बनना चाहते हैं तो उन्हें BPSC या अन्य आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा पास करना होगा। लेकिन झटका उन शिक्षकों के लिए है जो फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी लिए हैं।
किन विद्यालयों के शिक्षक इसके तहत भर्ती होंगे?
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के तहत चलने वाले विद्यालयों में अध्यापक (शिक्षक) भर्ती किए जाएंगे।
नियोजित और इनमें क्या अंतर होगा?
इस संवर्ग के शिक्षक सीधे राज्य सरकार के सरकारी कर्मी होंगे। राज्यकर्मी का दर्जा मिलेगा। अच्छी वेतन पर काम करेंगे। सरकारी सेवकों की तमाम सुविधाएं मिलेंगी।
क्या नियोजित शिक्षकों की बहाली जारी रहेगी (Bihar Teacher Niyamawali 2023)
नहीं अब नियोजित शिक्षकों की बहाली जारी नहीं रहेगी। अब बीपीएससी के माध्यम से परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी
महिलाओं को किस तरह का लाभ होगा?
सामान्य प्रशासन विभाग के आरक्षण रोस्टर से अलग, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के मूल कोटि एवं स्नातक कोटि के विद्यालय अध्यापक के पद पर प्रत्येक विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। विषम संख्या रहने पर अंतिम पद महिला अभ्यर्थी के लिए चिह्नित किया जाएगा। मतलब, 101 पद रहेगा तो 50 महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया और 50 अनारक्षित। शेष एक पद महिलाओं के लिए ही रह जाएगा।
क्या 2006 से अबतक नियोजित शिक्षक भी संवर्ग में आ सकते हैं?
हां। वर्ष 2006 से अबतक पंचायतीराज संस्था एवं नगर निकायों के जरिए नियोजित शिक्षक भी इसी नियुक्ति प्रक्रिया में भाग लेकर इस नए संवर्ग में आ सकते हैं। पात्रता की बाकी शर्तें उनपर भी लागू होगी।
क्या इस नियुक्ति के लिए भी अलग-अलग संवर्ग होगा?
राजकीय, राजकीय बुनियादी विद्यालय, राजकीयकृत एवं प्रोजेक्ट कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में नियुक्त होने वाले विद्यालय अध्यापक का स्तरवार एवं विषयवार अलग-अलग संवर्ग होगा। इसी तरह, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के मूल कोटि एवं स्नातक कोटि के विद्यालय अध्यापक तथा माध्यमिक विद्यालय एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में विषयवार विद्यालय अध्यापक का अलग-अलग संवर्ग होगा।












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