Bihar Politics: मोनाज़िर हसन के RLJD में शामिल होने से NDA मज़बूत!, JDU के ललन सिंह को चुनौती
Monazir Hasan Joined RLJD: बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी बाज़ार सज चुका है। राजनीतिक पार्टियां बूथ स्तर पर अपनी ज़मीन मज़बूत करने की क़वायद तेज़ कर चुकी है। वहीं राजनेताओं के दल बदलने का भी सिलसिला भी शुरू हो चुका है। इसी क्रम में पूर्व सांसद मोनाज़िर हसन ने RLJD का दामन थाम लिया है।
'नीतीश सरकार' में मंत्री रह चुके मोनाज़िर हसन के RLJD (राष्ट्रीय लोक जनता दल) में शामिल होने के बाद सियासी गलियारों में JDU के नफा नुकसान पर चर्चा तेज़ हो चुकी है। क्या मोनाज़िर हसन जदयू के वोटबैंक को तोड़ पाएंगे। बिहार में MY समीकरण से सियासी फ़िज़ा बदलेगी? पाला बदलने के बाद मोनाज़िर हसन ने महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा है।

रालोजद नेता डॉ.मोनाज़िर हसन ने 'महागठबंधन सरकार' पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'महागठबंधन' में अल्पसंख्यक नेताओं को तवज्जो नहीं दी जा रही है। जनता दल यूनाइटेड में भी इज़्ज़त नहीं दी जाती है। प्रदेश के हालात 2005 से पहले जैसे हो गए हैं। उपेंद्र कुशवाहा के साथ मिलकर नया प्रदेश बनाएंगे, अल्पसंख्यक समुदाय हमारे साथ हैं।
डॉ. मोनाज़िर हसन ने कहा कि हम लोग नया बिहार बनाएंगे, प्रदेश में अल्पसंख्यक और कुशवाहा का नया समीकरण तैयार हुआ है। उपेंद्र कुशवाहा को हम लोग बिहार का सीएम बनाएंगे। राजद हमेशा से MY समीकरण के नाम ठगी करती आई है। ऐसा जदयू भी कर रही थी।
उपेंद्र कुशवाहा के हाथ में हम लोग बिहार का नेतृत्व सौंपेंगे। मोनाज़िर हसन ने शायर के अंदाज़ में कहा कि हम अकेले ही चले थे और कारवां बनता गया। उन्होंने कहा कि जिस वक़्त वह जदयू में शामिल हुए थे तो उस वक्त बेगूसराय और मुंगेर पार्टी की पहचान नहीं थी।
आपको बता दें कि मोनाज़िर हसन ने जदयू से छोड़ने से पहले भी गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने 28 मई 2023 को जदयू से किनारा कर लिया था। उन्होंने उसी वक्त साफ़ कर दिया था कि वह किसी नए सियासी दल की सदस्यता लेंगे।
मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा था कि जदयू में हम लोगों जैस ईमानदार नेताओं की ज़रूरत नही है। जदयू में मुस्लिम नेताओं को बेइज़्ज़त किया जाता है। इसलिए मेरे जैसे नेताओं का जदयू में बने रहना मुनासिब नहीं था। कुछ स्वार्थी नेताओं के क़ब्ज़े की वजह से जदयू मूल सिद्धांतों से भटक गई है।
जदयू के 90 फिसद नेता और कार्यकर्ता पार्टी में असहज महसूस कर रहे हैं। बहरहाल नीतीश की पार्टी से मोनाज़िर हसन के किनारा करने के बाद लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन को चुनौती मिल सकती है। क्योंकि, मोनाज़िर हसन का ताल्लुक मुंगेर से है, और जदयू के दिग्गज नेता ललन सिंह मुंगेर से ही सांसद हैं। ऐसे में मोनाज़िर हसन लोकसभा चुनाव में जदयू का वोट प्रभावित कर सकते हैं।












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