Bihar PM Kisan Yojana Next Installment: अगली किस्त से 2 लाख किसानों का नाम हो सकता है बाहर, तुरंत कराएं e-KYC
Bihar PM Kisan Yojana Next Installment Update: बिहार के किसानों के लिए एक अहम और काम की खबर सामने आई है। पूर्वी चंपारण और नवादा जिलों के करीब 2 लाख किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की अगली किस्त अटकने का खतरा है।
इसकी वजह यह है कि केंद्र सरकार ने अब फार्मर रजिस्ट्रेशन (Farmer Registry ID) के साथ-साथ ई-केवाईसी (e-KYC) को भी अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं की तो उनकी अगली किस्त में देरी हो सकती है या भुगतान पूरी तरह रोक दिया जाएगा।

पूर्वी चंपारण और नवादा जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनकी ई-केवाईसी या फार्मर आईडी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि ई-केवाईसी कैसे करें और सबसे आसान तरीका कौन-सा है। आगे हम आपको ई-केवाईसी का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस बता रहे हैं,
PM Kisan Yojana के लिए क्यों जरूरी है e-KYC?
सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता लाना और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करना है। बीते वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां अपात्र लोगों ने भी योजना का लाभ उठा लिया। इसी को रोकने के लिए अब हर लाभार्थी किसान की पहचान डिजिटल तरीके से सत्यापित की जा रही है।
PM Kisan e-KYC Guide: ई-केवाईसी के तीन आसान तरीके
अधिकारियों ने किसानों को ई-केवाईसी कराने के तीन तरीकों की जानकारी दी है, ताकि किसी को भी परेशानी न हो।
1. ओटीपी आधारित ई-केवाईसी
- यह सबसे आसान तरीका माना जा रहा है। इसके लिए जरूरी है कि किसान का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक हो।
- किसान सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
- वहां 'e-KYC' विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को भरते ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
2. बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (CSC के जरिए)
- जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे घबराएं नहीं।
- ऐसे किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या पंचायत कार्यालय में जाकर बायोमेट्रिक तरीके से ई-केवाईसी करा सकते हैं।
- यहां फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए सत्यापन किया जाता है।
- यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।
3. फेस ऑथेंटिकेशन
- सरकार ने तकनीक को और आसान बनाते हुए फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प भी दिया है। इसके तहत चेहरे की पहचान के जरिए किसान की पुष्टि की जाती है। हालांकि यह सुविधा अभी चुनिंदा जगहों पर उपलब्ध है और धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जा रहा है।
फार्मर आईडी लिंक करना भी अनिवार्य
ई-केवाईसी के साथ-साथ अब सरकार ने फार्मर आईडी (Farmer ID) को पीएम किसान खाते से लिंक करना भी जरूरी कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन किसानों की फार्मर आईडी लिंक नहीं होगी, उनकी आने वाली किस्त अटक सकती है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे ई-केवाईसी के साथ-साथ अपनी फार्मर आईडी की स्थिति भी जरूर जांच लें।
किसानों से अपील
प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें। समय रहते ई-केवाईसी, फार्मर आईडी लिंक और बैंक खाते से आधार की स्थिति जांच लें, ताकि पीएम किसान योजना की राशि बिना किसी रुकावट के सीधे उनके खाते में पहुंचती रहे।
पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि किसानों के लिए आर्थिक सहारा है। ऐसे में ई-केवाईसी और फार्मर आईडी लिंक जैसी प्रक्रियाओं को हल्के में लेना नुकसानदेह हो सकता है।












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